पहली जनवरी को हुआ था ऑपरेशन
टांका लगाकर सात जनवरी 2025 को डिस्चार्ज कर दिया। डिस्चार्ज होने के बाद से ही उसकी पुत्री अपने पैर पर खड़ी नहीं हो पा रही थी। जिस पर उसे कई बार पीजीआई के उक्त डाॅक्टरों को दिखाया में ऑपरेशन में की गई लापरवाही को छिपाते हुए ठीक होने का आश्वासन देते रहे। लेकिन पुत्री की हालत खराब होती गई, इस पर पुत्री को लछिरामपुर स्थित एक चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने एक्स-रे कराया।
एक्सरे देखने के बाद उन्होंने बताया कि मेरी बेटी के ऑपरेशन में लापरवाही की गई है। कुछ टूल कीट इसके कूल्हे में फंसा है, साथ ही कूल्हे की हड्डी भी ऑपरेशन के दौरान जबरदस्ती के कारण फिर से टूट गई है, जिसके कारण उसे असहाय पीड़ा हो रही है और वह खड़ी भी नहीं हो पा रही है।
इस मामले में पीड़ित पिता राजेश कुमार गुप्ता ने मुख्य चिकित्साधिकारी आजमगढ़ को प्रार्थना-पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने और दोषी डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के साथ क्षतिपूर्ति दिए जाने की मांग की है।