जिले में बिना काम कराए भुगतान के मामलों में पहले पांच से 10 प्रतिशत कमीशन लेकर स्वीकृति देने और बाद में मामला फंसने पर भ्रष्टाचार को छिपाने की कवायद की जा रही है।
सोमवार को ‘वीवीजी-रामजी...चार पोखरों में लबालब पानी, कागजों पर काम’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद अब ब्लॉक प्रशासन और ग्राम पंचायत ने पोखरे में पंपिंग सेट लगाकर पूरा पानी निकलवा दिया है।
साथ ही भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए बंधे पर घास छिलवा दी है। अब ब्लॉक प्रशासन अपने ही बुने जाल में फंसता जा रहा है।
अहरौला विकासखंड की ग्राम पंचायत कंदरा में धोबी घाट पोखरा की खोदाई के लिए कुल 6,46,301 रुपये का स्टीमेट तैयार किया गया है। ब्लॉक प्रशासन की ओर से स्वीकृति मिलने के बाद आठ अक्तूबर को काम शुरू होना दिखाया गया है।
इसके लिए बाकायदा पहले दिन से प्रतिदिन 45-45 मजदूरों का मस्टररोल निकाला गया। यानी एक दिन में बिना काम के रोजाना 13,500 रुपये का मस्टररोल जारी किया गया। आरोप है कि मौके पर एक रुपये का भी काम नहीं कराया गया था। केवल कोरे कागजों पर विकास की तस्वीर पेश की जा रही थी।
सोमवार को खबर प्रकाशित होने के बाद उसी रात पोखरे पर पंपिंग सेट लगा दिया गया। लगातार 20 घंटे तक पंपिंग सेट चलाकर पोखरे का पूरा पानी निकाल दिया गया।
जल संचयन को दिखाया ठेंगा
अहरौला। अमृत सरोवर अभियान सहित पोखरों को जल संचयन के योग्य बनाने के लिए प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जिले में इस वर्ष पोखरों के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप है। पहले बारिश में पोखरों की खोदाई की स्वीकृति दी गई। मामला पकड़ में आने पर बस मस्टररोल डिलीट कर दिया जा रहा है। इतना ही नहीं, खंड विकास अधिकारी द्वारा डोंगल लगाने के बाद जिला विकास अधिकारी तक डोंगल लगाकर भुगतान प्रक्रिया को पूरा कर रहे हैं। इसका उदाहरण कंदरा गांव में देखने को मिला, जहां पोखरे का पानी निकालकर उसे सूखने के लिए छोड़ दिया गया है।
20 अक्तूबर की सुबह जब लोग पोखरे की तरफ टहलने के गए तो पंपिंग सेट लगाकर पोखरे से पानी निकाला जा रहा है। दोपहर में कुछ मजदूर लगाकर बंधों की सफाई कराई गई। वीबीजी-रामजी में भी जमकर भ्रष्टाचार है। -विजय प्रताप यादव, कंदरा
पोखरी पर बिना खोदाई और बिना किसी काम के ही कागजों पर काम दिखाकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। एक तरफ सरकार जल संचयन की बात करती है, दूसरी तरफ अधिकारियों के इशारे पर करीब 30 घंटे तक पंपिंग सेट लगाकर पोखरी का पानी निकलवाया गया। -रामाज्ञा यादव, कंदरा
दो दिन पहले आनन-फानन में पोखरे का पानी निकलवाया गया और अब कुछ लोग फावड़ा लेकर यहां पहुंचे थे। कुछ सफाई की गई। यह काम दो दिन से हो रहा है। इसके पहले पोखरे की कोई खोदाई नहीं हुई। पोखरी पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। -रामभुवाल, कंदरा
वर्जन
कंदरा गांव के पोखरे पर काम रोकने के निर्देश दिए गए थे। अगर पोखरे का पानी निकालने और खोदाई कराने की पुष्टि होती है तो सचिव और प्रधान के खिलाफ नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -सागर सिंह, बीडीओ अहरौला
सोमवार को अमर उजाला में प्रकाशित खबर।