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Azamgarh News: पूर्व ब्लाॅक प्रमुख के भांजे ने अमीन को दी थी धमकी, तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

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- वसूली के सिलसिले में धमकियों के बाद लापता हुए थे अमीन सुरेश उपाध्याय
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संवाद न्यूज एजेंसी
आजमगढ़। सदर तहसील में अमीन सुरेश उपाध्याय की गुमशुदगी के बाद अब अपहरण और हत्या के मामले में बेटे विकास की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। बेटे विकास उपाध्याय का आरोप है कि ठेकमा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख भूपेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना के भांजे ओमप्रकाश सिंह ने पिता को धमकी दी थी। पुलिस ने ओमप्रकाश सिंह, उसकी पत्नी रुबी सिंह उर्फ आकांक्षा सिंह और रुबी के चाचा (अज्ञात) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
बेटे का आरोप है कि उसके पिता अमीन सुरेश उपाध्याय को धमकी मिली थी। धमकी देने वाले ने कहा था कि गलत जगह हाथ डाले हो, इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। अमीन के पुत्र विकास उपाध्याय ने थाना कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने इस मामले में दो नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शहर कोतवाल यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि सुरेश उपाध्याय 17 जनवरी को उस समय लापता हो गए थे, जब वह एक आरसी के तहत 70 लाख रुपये के बकाया वसूली के सिलसिले में रूबी सिंह के घर मोहल्ला रैदोपुर गए थे।
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रूबी सिंह के चाचा ने धमकी दी थी कि “गलत जगह हाथ डाले हो, इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।” इसके बाद जानकारी मिली कि रूबी सिंह ने नाम बदलकर आकांक्षा रख लिया है। अहरौला के रहनेवाले ओमप्रकाश सिंह से शादी कर ली है। बेटे विकास का आरोप है कि ओमप्रकाश सिंह की धमकी के बाद से ही पिता भयभीत थे। रुबी का पति ओमप्रकाश सिंह ठेकमा के पूर्व ब्लाॅक प्रमुख भूपेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना सिंह का सगा भांजा है। धमकी मिलने से सुरेश उपाध्याय भयभीत थे। बेटे विकास का आरोप है कि ओमप्रकाश सिंह, रुबी सिंह उर्फ आकांक्षा सिंह और उसके चाचा ने साजिश रचकर पिता को अगवा करके हत्या कर दी। शव को बसपा कार्यालय के पीछे सिधारी क्षेत्र में फेंक दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
इनसेट
70 लाख का लोन न चुकाना पड़े इसके लिए रुबी ने नाम बदला
अमीन के बेटे विकास ने पुलिस को बताया कि रुबी सिंह के नाम पर 70 लाख रुपये का लोन था। वह बकाया के किस्तों का भुगतान नहीं कर रही थी। लोन न चुकाना पड़े इसके लिए उसने अपना नाम रुबी से बदल कर आकांक्षा रख ली। ओमप्रकाश सिंह से शादी कर ली। पिता जब भी लोन की वसूली के लिए जाते उन्हें धमकी दी जाती थी।
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वर्जन
मेरे और मेरे रिश्तेदार पर लगाए गए आरोप गलत, निराधार और बेबुनियाद हैं। ओमप्रकाश सिंह मेरे रिश्तेदार हैं, लेकिन उनका इस घटना से कोई लेना देना नहीं है। केवल किसी का नाम ले लेने से वह आरोपी नहीं होंगे। अमीन का काम आरसी से जुड़ा होता है, यह उनकी शासकीय जिम्मेदारी थी। मेरे या मेरे परिवार के किसी भी सदस्य का इस घटना से कोई संबंध नहीं है। यह आरोप साजिशन और बदनाम करने की नीयत से लगाए गए हैं। मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।

- भूपेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना सिंह, पूर्व ब्लाॅक प्रमुख ठेकमा।
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