टीईटी अनिवार्यता के विरोध में जुलूस निकालते पूर्व में नियुक्त शिक्षक। संवाद
आजमगढ़। आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता लागू किए जाने के विरोध में जिले के शिक्षकों ने सोमवार को मशाल जुलूस निकालकर विरोध जताया। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में जिले भर के सैकड़ों शिक्षक शामिल हुए।
मशाल जुलूस डीएवी इंटर कॉलेज से शुरू होकर गांधी तिराहे होते हुए कलेक्ट्रेट चौराहे पर पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत दी जाए।
माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के जिलाध्यक्ष एवं महासंघ के मुख्य जिला संयोजक सुशील कुमार ने कहा कि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर नई शर्तें थोपना न्यायसंगत नहीं है। वहीं, उत्तर प्रदेशीय प्रारंभिक शिक्षक समिति के जिला अध्यक्ष डॉ. राम उजागिर शुक्ला ने कहा कि मशाल जुलूस के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट किया गया है, ताकि टीईटी की अनिवार्यता समाप्त की जा सके। टीएससीटी आजमगढ़ इकाई के जिलाध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय ने कहा कि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का भी सहारा लेंगे। अटेवा के जिला अध्यक्ष सुभाष चंद यादव ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो अगले महीने लखनऊ में एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के प्रदेशीय मंत्री बिरजू सरोज और अटेवा के जिला उपाध्यक्ष सीपी यादव ने सभी शिक्षकों का आभार जताया। इस दौरान महासंघ के संरक्षक रामअवध यादव, सहसंयोजक मंडल के सदस्य विनय यादव, रामजन्म दुबे, बैजनाथ कनौजिया, अहमद खां, रविशंकर यादव, अजय कुमार पाण्डेय आदि उपस्थित थे।