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तमसा के जलस्तर में वृद्धि, सहमे तटवासी

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अहरौला में दुर्वासा धाम में तमसा नदी का लगातार बढ़ रहा जल स्तर, हर तरफ पानी ही पानी। - फोटो : AZAMGARH
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अहरौला। दुर्वासा धाम स्थित तमसा और मंजूषा लगातार रौद्र रूप धारण करती जा रही हैं। मंगलवार को दुर्वासा धाम स्थित तमसा नदी में उफान देखने को मिला। निजामाबाद गहजी मार्ग को फूलपुर मार्ग से जोड़ने वाले पुल की रेलिंग से डेढ़ फीट से ज्यादा ऊपर पानी बह रहा है। जिससे दुर्वासा धाम पूरी तरह से पानी से घिर गया है। अब अगल-बगल का क्षेत्र भी तमसा की धाराओं से घिर गए हैं, हर तरफ जल ही जल दिखाई दे रहा है।
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यहां तक की मंदिरों का एक तल पूरी तरह से तमसा के आगोश में है। वही तमसा के घाट पर स्थित भगवान भोलेनाथ के गर्भ गृह की अंतिम सीढ़ी तक पानी पहुंच गया है। इसी तरह से अगर जलस्तर बढ़ता रहा तो अब अगल-बगल के गांव भी बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। आसपास के रहने वाले लोग इसे लेकर खासे चिंतित हैं। वहीं दुर्वासा धाम को जोड़ने वाला पुल पूरी तरह से जलमग्न होने के कारण बस्ती भुजबल गहजी मार्ग पूरी तरह से बंद है। सड़क मार्ग पर भी पूरा पानी भरा हुआ है जिससे महलिया से लेकर दुर्वासा धाम तक पूरी तरह से जल ही जल दिखाई दे रहा है। अब धीरे-धीरे आस-पास के गांव में भी तमसा का पानी पहुंचना शुरू हो गया है। दुर्वासा धाम पर रहने वाले गोस्वामी समाज के लोगों की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है, लोग मंदिरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। दुर्वासा गोस्वामी समाज के अध्यक्ष प्रेम गिरी, दुर्वासा के पूर्व प्रधान रामकवल तिवारी, मंदिर के पुजारी श्रीराम गिरी, दुर्वासा दत्तात्रेय और चंद्रमा ऋषि संघर्ष समिति के बलराम तिवारी आदि लोगों का कहना है कि तमसा का रौद्र रूप ऐसा अभी तक देखने को नहीं मिला था। घटने की बजाए तमसा का जलस्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जिससे पूरा दुर्वासा धाम बाढ़ की चपेट में है। लोगों ने प्रशासन से मांग किया है कि सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। कम से कम यहां पर एक नाव की भी व्यवस्था हो जिससे किसी भी हादसे से निपटा जा सके और पुलिस के कम से कम पांच जवान 24 घंटे तैनात किए जाएं। लोगों ने बताया कि दुर्वासा धाम पर प्रतिदिन लोगों का आना जाना रहता है। अभी तमाम लोग शवदाह और अन्य कार्यों से यहां पहुंच रहे हैं लेकिन अब तक यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नही है। वहीं अगर तमसा के जलस्तर की बात करें तो सोमवार को तमसा नदी का जलस्तर 73.11 मीटर दर्ज किया गया था जो मंगलवार को छह सेमी बढ़कर 73.17 मीटर हो गया है। नदी का खतरा बिंदू 74.88 मीटर है।
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