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बढ़ाव पर तमसा, निशाने पर शहर, बिगड़ी शहर की स्थिति

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दुर्वासा धाम में तमसा नदी स्थित घाट पर मंदिर और पुल बाढ में डूबा। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। तमसा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने के कारण अब लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। नदी के किनारे निचले इलाके में बने आवासों में रहने वाले लोगों के घर पूरी तरह से तमसा नदी के पानी में डूब गए हैं। रविवार को भी नदी के जलस्तर में बढ़ाव दर्ज किया गया। नदी अगर इसी तरह से अनवरत बढ़ती रही तो वह आस-पास के कई इलाकों को अपने आगोश में ले लेगी।
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तमसा नदी में विगत कई वर्षों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई थी। इसके चलते लोग तमसा नदी की तरफ शहर बांध के उस पार निचले इलाके में अपने घर बना लिए थे। बृहस्पतिवार की रात हुई मुसलाधार बारिश से तमसा नदी के जलस्तर में बढ़ाव होने लगा और उसने विकराल रूप धारण कर लिया। नदी क्षेत्र से सटाकर आशियाना बनाने वालों के घर पूरी तरह से डूब गए हैं। कुछ लोग तो अपने रिस्तेदारों के यहां चले गए तो कुछ अभी भी दूसरे तल पर रहने को विवश हैं। वहीं पुराने पुल के पास रहने वाले कुछ परिवार अपनी झोपड़ी छोड़कर पुराने पुल पर रहने को विवश हैं। शहर के नरौली पुल के पास लगे गेज पर खतरा बिंदु 74.88 मीटर है। शनिवार को नदी का जलस्तर बढ़कर 72.91 मीटर रिकार्ड किया गया। जो रविवार को बढ़कर 73.06 मीटर हो गया। तमसा नदी में करीब 15 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। यदि नदी इसी तरह बढ़ती गई तो शहर के कई अन्य इलाकों को अपनी चपेट में ले लेगी। नदी के बढ़ते जलस्तर से बागेश्वरनगर, कोलघाट, सिधारी क्षेत्र में पानी भर गया है। वहीं पुराने शाही पुल से भी तमसा नदी कुछ ही फीट नीचे बह रही है। तमसा नदी के किनारे स्थित राजघाट भी पूरी तरह से डूब गया है। जिससे लोगों को शवदाह करने में काफी परेशानियां उठानी पड़ रही है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखकर लोग काफी भयभीत व आशंकित नजर आ रहे हैं।
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