झूले लाल की जयंती पर बुधवार की देर शाम सिंधु सेवा मंडल आजमगढ़ के तत्वावधान में गाजे-बाजे के साथ झांकी निकाली गई। झांकी नगर क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से गुजरी। इस दौरान झांकी का जगह-जगह स्वागत किया गया। इस दौरान समाज के लोग लोकनृत्य छेज की धुन पर जमकर थिरके।
शोभायात्रा को सिंधी समाज के मुखिया मंगलदास ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शोभायात्रा पुरानी कोतवाली से निकलकर चौक, मातबरगंज, लालडिग्गी, पुरानी सब्जी मंडी से पुन: चौक, कालीनगंज होते हुए गौरीशंकर घाट पर पहुंची। जहां झूले लाल की आरती उतारी गई, बाद में कुनड़ी (पवित्र कलश) को श्रद्धापूर्वक तमसा में विसर्जित किया गया। झांकी में फैजाबाद, गोरखपुर, वाराणसी, मऊ, शाहगंज, अंबेडकर नगर सहित जिले के कलाकारों ने आकर्षक झांकियां बनाई थी। शोभायात्रा में काली जी, कृष्ण-सुदामा की झांकी के दर्शन को लोगों की भीड़ लगी रही है।
शोभायात्रा में राधा-कृष्ण की झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। झांकी जिधर से गुजर रही थी, सिंधी समाज द्वारा कलाकारों के लिए जगह-जगह जलपान की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान अलवर राजस्थान से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत शहनाई की लोकधुनों पर सिंधी समाज के लोगों ने लोकनृत्य छेज पर नृत्य किया। दूसरी तरफ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शहर कोतवाली की पुलिस झांकी के साथ चल रही थी। इस मौके पर रामचंद रहेजा, सतीश लखमानी, ताराचंद रहेजा, सुनील लखमानी, दिलीप केसवानी, नरसिंह रहेजा, रोशन रहेजा, कमल रहेजा, भगवानदास केसवानी, मनोहर पुष्कर, मुकेश, जयराम, देवेंद्र आदि उपस्थित थे।