लाट घाट के जोकहरा प्राइमरी स्कूल में ग्रामीणों द्वारा लावरिस पशुओं को बंद किया जाने से बच्चें स्?
- फोटो : AZAMGARH
लाटघाट। आवारा पशुओं के आतंक से आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार को मवेशियों को पकड़ कर परिषदीय विद्यालय परिसर में लाकर बंद कर दिया। विद्यालय परिसर में मवेशियों के बंद करने से बच्चे घर जाने को मजबूर हो गए तो शिक्षक बाहर खड़े रहे। सूचना पर खंड शिक्षाधिकारी व पुलिस मौके पर पहुंच गई। ग्रामीण इन आवारा पशुओं को छोड़ने के बजाय पशु आश्रय स्थल पर रखवाने की मांग पर अड़े रहे।
आवारा पशुओं के चलते ग्रामीणों की फसल को काफी नुकसान पहुंच रहा है। इससे परेशान हाल किसानों का कहना है कि बार-बार की शिकायत के बाद भी शासन-प्रशासन इन आवारा पशुओं का कोई स्थायी समाधान नहीं कर रहा है। बुधवार की सुबह जोकहरा व आसपास के ग्रामीणों ने तीन दर्जन से अधिक आवारा मवेशियों को पकड़ लिया और उन्हें सुबह-सुबह ही प्राथमिक विद्यालय जोकहरा प्रथम के परिसर में लाकर बंद कर दिया। नौ बजे के लगभग जब बच्चे व शिक्षक स्कूल पहुंचे तो गेट पर ताला बंद देखा और परिसर में भारी संख्या में मवेशी थे। ग्रामीणों ने बच्चों को घर भेज दिया और शिक्षक बाहर खड़े रहे। प्रधानाध्यापक राम निवास यादव ने तत्काल इसकी सूचना खंड शिक्षाधिकारी को दी। खंड शिक्षाधिकारी के साथ ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीण आवारा पशुओं को अन्यत्र भेजे जाने तक इन्हें विद्यालय परिसर में ही बंद रखने की बात पर अड़े रहे। आवारा पशुओं को विद्यालय में बंद करने वालों में दिनेश, रिपुंजय, झारखंड, बदौरा, ज्ञानेंद्र, रिंकू, रामलाल, बबलू, रमाकर, अशोक, मोहन, पीयूष, निहाल आदि शामिल रहे।
मुख्यालय को अवगत करा दिया गया है। बीएसए ने विद्यालय में मवेशी बंद करने वालों पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही जब तक विद्यालय में मवेशी है तब तक कक्षाएं बाहर संचालित कराने को कहा है। ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का भी प्रयास चल रहा है। - राजेश कुमार, खंड शिक्षाधिकारी, हरैया।
लाट घाट के जोकहरा प्राइमरी स्कूल में ग्रामीणों ने लावरिस पशुओं को बंद किया।- फोटो : AZAMGARH