आजमगढ़। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प अब राज्य वित्त आयोग के बजट से किया जाएगा। परिषदीय स्कूलों में पानी, बिजली, फर्नीचर, शौचालय, चारदीयारी, कक्षा कक्ष निर्माण और रंग-रोगन आदि कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए गए थे। ग्राम पंचायतों को अपने बजट से यह काम करवाना था।
बेसिक शिक्षा विभाग से जिले में कुल 3250 विद्यालय संचालित हैं। जिनमें 2267 प्राथमिक व 983 जूनियर विद्यालय हैं। इनमें से बहुतायत विद्यालयों में यह कायाकल्प का काम शुरू भी हो गया था लेकिन उसके बाद ग्राम प्रधान अपने लिए चुनावी वर्ष होने के कारण स्कूलों के कायाकल्प की जगह सामुदायिक भवन और सामुदायिक शौचालय बनवाने को प्राथमिकता देने लगे। विभाग के अधिकारियों ने गांवों में स्कूलों के कायाकल्प का काम प्रभावित होने की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने मामले को गंभीरता से लिया और पत्र जारी कर राज्य वित्त आयोग और डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड सहित अन्य मदों के बजट से स्कूलों का कायाकल्प कराने के निर्देश दिए ।प्रभारी बीएसए अमरनाथ राय ने बताया कि स्कूल शिक्षा महानिदेशक का पत्र मिला है। निर्देश दिया गया है कि गांवों में परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प अब राज्य वित्त आयोग के बजट से किया जाएगा।