स्वंतत्रता संग्राम सेनानी स्व. हरिवंश पांडेय प्रयासी की पुण्यतिथि पर बृहस्पतिवार को प्रगति प्रवाह संस्था के तत्वावधान में राहुल नगर स्थित शिवम हायर सेकेंड्री स्कूल में श्रद्घांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान आयोजित कवि सम्मेलन में अपनी रचनाओं से लोगों को गुदगुदाया।
कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव ने स्व. हरिवंश पांडेय प्रयासी के चित्र पर माल्यार्पण किया। इसके बाद स्वागत गीत कवियत्री सरोज यादव ने गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के पूर्व पलिया गांव में 100 गरीबों में कंबल वितरित किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव ने कहा कि प्रयासी जी महान साहित्यकार, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व शिक्षक थे। उन्ही के आदर्शों पर चलकर उनके पुत्र जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार व संस्था संरक्षक प्रभु नारायण पांडेय प्रेमी एक धर्मनिष्ठ पुत्र और उनके पौत्र संजय पांडेय उनके उद्देश्यों को पूरा करने में लगे हुए हैं। ऐसे ओजस्वी व्यक्तित्व का अनुसरण पूरे समाज को करना चाहिए। इसके बाद कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें विजयेंद्र प्रताप श्रीवास्तव करूण ने अपनी गीत ‘‘एक ही बेटा है वो लेकिन चला गया परदेश’’ सुनाकर लोगों पर बूढ़े मां-बाप की दशा पर सोचने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद मैकश आजमी ने ‘‘कुछ तुम बहक गए थे तो कुछ मैं बहक गया, फिर जिन्दगी की गाड़ी का पहिया सरक गया’’ सुनाकर लोगों को भाव विभोर कर दिया। सरोज यादव ने ‘‘ऐ नाविक थोड़ा ठहरो ना लहरों से मिलना बाकी है’’ सुनाकर समां बांध दिया। कवियत्री स्नेहलता राय ने ‘‘क्षमाशील है, प्रकृति सभी पर मां संग प्रेम लुटाती है’’ सुनाकर प्राकृतिक सौंदर्य और प्रकृति के लिए लोगों को सोचने को मजबूर कर दिया। इसके अलावा रूद्रनाथ चौबे, जयहिंद सिंह हिंद, राकेश कुमार पांडेय, अंबरीश श्रीवास्तव, रोहित बारी, सुरेंद्र सिंह चांस, रोहित पांडेय, मनीषा मिश्रा, राजकुमार आर्शीवाद, आदित्य आजमी आदि कवियों ने अपना काव्यपाठ किया। अध्यक्षता साहित्यकार डा. शशिभूषण प्रशांत व संचालनप्रभु नारायण पांडेय प्रेमी ने किया। अंत में संस्था के अध्यक्ष डा. प्रवेश सिंह ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर अशेष सिंह, आशुतोष द्विवेदी, विरेंद्र यादव, कृपाशंकर पाठक आदि उपस्थित रहे।