आजमगढ़। चालू शैक्षिक सत्र में छात्रवृत्ति व फीस भरपाई की सरकारी सुविधा पाने से वंचित पूर्व दशम व दशमोत्तर के छात्र-छात्राओं की संख्या काफी अधिक है। फार्म में गड़बड़ी से दस हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के फार्म रिजेक्ट हो गए। इसका कारण वेबसाइट के ठीक से न चलने और संस्थाध्यक्षों के समय से आवेदन को सत्यापित कर अग्रसारित न करने एवं आवेदन समाज कल्याण विभाग में आकर लंबित होने के कारण हुए है। कितने फार्म रिजेक्ट हुए इसका डाटा तो विभाग बता रहा लेकिन कितने फार्म अग्रसारित नहीं किए जा सके यह बताने में विभाग असमर्थता जता रहा है। लेकिन छात्रवृत्ति व फीस भरपाई न मिलने से इनके शैक्षिक करियर के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
जनपद में कुल डेढ़ लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने छात्रवृत्ति के लिए आनलाइन आवेदन किया था। दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना में आनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 जनवरी एवं संस्था से आवेदन अग्रसारित करने की अंतिम तिथि 24 जनवरी निर्धारित की गई थी। पूर्व दशम के तहत कक्षा नौ व दस में पढ़ने वाले विभिन्न संस्थाओं के छात्रों ने आवेदन किया था। इसके अलावा दशमोत्तर के तहत इंटरमीडिएट, बीए, बीएससी, एमएससी, एमए, बीएड, बीटीसी, आइटीआई, इंजीनियरिग और अन्य संस्थाओं के छात्र आते हैं। जनपद में पूर्वदशम के एससी, एसटी के 5266 व सामान्य वर्ग के 1207 आवेदन किया। जिसमें एसी, एसटी के 1607 व सामान्य वर्ग के 219 आवेदकों का फार्म रिजेक्ट हो गया। वहीं दशमोत्तर के एससी, एसटी के करीब 79630 व सामान्य के 23704 छात्रों ने आवेदन किया। जिसमें एसी, एसटी के 5266 व सामान्य के 1207 आवेदन रिजेक्ट हो गए। उक्त रिजेक्ट आवेदनों में किसी के नाम, किसी का खाता नंबर तो किसी का पता गलत था। जिला समाज कल्याण अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि नियत तिथि तक सत्यापित होकर आने वाले आवेदन अग्रसारित कर दिए गए। बजट की उपलब्धता के आधार पर शासन से छात्रों के खातों में छात्रवृत्ति भेजी जाएगी। अभी वेबसाइट बंद चल रही है। लंबित फार्मों की स्थिति वेबसाइट चालू होने पर स्पष्ट हो सकेगी।