विकासखंड के अराजी गंगापुर, अराजी मलहपुरवा और पुरैनिया गांवों पर सरयू नदी का कटान लगातार बढ़ता जा रहा है। इन गांवों के करीब 70 घरों से महज सात-आठ मीटर की दूरी पर नदी की तेज धाराएं पहुंच गई हैं।
कटान रोकने के लिए लगाए गए 10 कटर (ठोकर) में से पांच नदी में डूब चुके हैं, जबकि कटर नंबर दो और तीन के बीच दरार पड़ने से रिसाव की आशंका बढ़ गई है। इससे ग्रामीणों में दहशत है और वे रातभर जागकर नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, नदी की तेज लहरें सीधे तट से टकरा रही हैं। सुरक्षा के लिए लगाए गए बोल्डर और मिट्टी से भरी बोरियां भी धीरे-धीरे नदी में समा रही हैं। यदि कटान और बढ़ा तो बस्ती खतरे की जद में आ जाएगी।
अराजी गंगापुर के सुभाष निषाद ने बताया कि बुधवार को नदी का जलस्तर बढ़ने से लगाए गए 10 कटर में से पांच डूब गए। कटर नंबर दो और तीन के बीच दरार भी पड़ गई है। फूलबदन ने बताया कि शेष पांच कटर भी नदी की जद में हैं।
रामसिंगार ने कहा कि उनका घर नदी के बिल्कुल किनारे है। यदि नेपाल से और पानी छोड़ा गया तो घर बचाना मुश्किल होगा। सुगनी देवी ने बताया कि पहले ही उनकी खेती कटान में समा चुकी है, अब घर पर खतरा मंडरा रहा है।
वहीं, पुरैनिया गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर तिवारीपुर में भी कटान जारी है। अमरजीत यादव ने बताया कि उनके घर के पश्चिम की ओर कटान हो रहा है। कमला तिवारी ने कहा कि सरयू नदी से लगभग 100 मीटर दूर प्राथमिक विद्यालय स्थित है। यदि कटान इसी तरह जारी रहा तो विद्यालय भी खतरे में आ सकता है।
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बैराजों से छोड़ा गया 3.09 लाख क्यूसेक पानी, लाल निशान के करीब पहुंची सरयू
पिछले 48 घंटे में 5.72 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
लाटघाट। गिरिजा और शारदा बैराज से बुधवार सुबह सरयू नदी में 3.09 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पहले से उफान पर चल रही नदी के लाल निशान पार करने की आशंका जताई जा रही है।
बदरहुआ नाले पर 24 घंटे में जलस्तर चार सेंटीमीटर बढ़कर 71.02 मीटर पहुंच गया, जबकि डिघिया नाले पर तीन सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। यहां नदी का जलस्तर लाल निशान से मात्र छह सेंटीमीटर नीचे 70.34 मीटर पर बना हुआ है।
सगड़ी तहसील के देवारा खास राजा, चक्की, सहबदिया और बरामदपुर गांवों के सामने कटान तेज हो गया है। बरामदपुर गांव के सामने संतलाल, जयद्रथ, लाल बहादुर, जय बहादुर, मुनीम, सुखानू, योगेंद्र और चंद्रिका के खेतों में भी कटान जारी है।
अवर अभियंता रामानंद ने बताया कि कटान रोकने के लिए परखू पाइन, बंबू क्रेट और गैबियन जैसी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। जहां जरूरत है, वहां अतिरिक्त सुरक्षा कार्य भी कराया जा रहा है।