एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि हिरासत में लिए गए फहीम का भाई नदीम इस अवैध शराब फैक्ट्री का संचालक है। तीन मकानों में अवैध शराब रखी गई थी। इसे जरूरत के हिसाब से बाजार में सप्लाई किया जाता था। फैक्ट्री संचालक नदीम फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की टीम लगी है। एसपी ने बताया कि पूछताछ में पूर्व सांसद और सपा नेता रमाकांत यादव के रिश्तेदार व अनुज्ञापी रंगेश ने बताया कि बीते तीन माह से उसके ठेके से रूपईपुर की अवैध शराब की बिक्री की जा रही थी।
रात भर चली छापमारी, जमीन में दबा कर रखी थी शराब
आजमगढ़। पुलिस महकमे की माने तो फैक्ट्री संचालक बड़े पैमाने पर अवैध शराब का धंधा करता था। अपने मकान के अहाते में उसने जमीन में दबा कर शराब रखी थी। इसे जेसीबी की मदद से खोदाई कर बरामद किया गया है। देर रात 11 बजे से लेकर सुबह चार बजे तक पुलिस टीम ने यहां कार्रवाई की।
माहुल जहरीली शराब कांड के बाद रूपईपुर में पकड़ी गई अवैध शराब फैक्ट्री के भंडाफोड़ के दौरान फरार छह अभियुक्तों पर एसपी अनुराग आर्य ने 25-25 हजार का इनाम घोषित किया था। लेकिन, डीआईजी अखिलेश कुमार ने फरार अभियुक्तों में शामिल चार सगे भाइयों मो. नदीम, मो. कलीम, मो. नईम व मो. सलीम, निवासी रुपईपुर थाना अहरौला पर 50-50 हजार कर इनाम घोषित कर दिया है।
एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि सभी पर गैंगेस्टर एक्ट लगा कर 14 ए के तहत संपत्ति जब्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगा दी गई हैं। बताया कि पूर्व सांसद और सपा नेता रमाकांत व भाजपा विधायक अरुणकांत से जुड़े कनेक्शन भी तलाशे जा रहे हैं।
पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने कहा कि रंगेश यादव मेरी बहन का नाती है। यह स्वीकार करने में मुझे कोई गुरेज नहीं है। यदि वह जहरीली शराब कांड में दोषी है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन, यदि वह निर्दोष है तो उसे कार्रवाई की जद में लाना स्वीकार नहीं है। माहुल में जहरीली शराबकांड के पीछे भाजपा की साजिश और प्रशासन की लापरवाही मुख्य कारण है।
पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि माहुल क्षेत्र में ऐसा कोई नशीला पदार्थ नहीं है, जिसकी बिक्री अवैध रूप से नहीं की जाती है। मई 2021 में पवई जहरीली शराबकांड में मित्तूपुर में अवैध शराब फैक्ट्री पकड़ी गई थी। इसमें आजमगढ़ और अंबेडकरनगर जिले में कुल 52 मौतें हुई थीं।
बताया कि अभी तीन माह पूर्व ही अहरौला के शमसल्लीपुर में राजभर परिवार के तीन लोगों की मौत हुई थी। हमने स्वयं और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कई बार शिकायत की लेकिन ध्यान ही नहीं दिया गया। इसका परिणाम है कि माहुल में फिर इतनी बड़ी घटना हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोगों ने कोई कार्यक्रम आयोजित किया था।
इसमें बाहर की नकली शराब बांटी गई और उसी शराब को पीने से लोगों की मौत हुई है। गौरतलब है कि माहुल में जिस सरकारी दुकान से शराब खरीद कर पीने के बाद लोगों की मौत हुई है, उस दुकान का अनुज्ञापी रंगेश यादव है।
मृतकों के परिजनों में मचा चीत्कार
- फोटो : अमर उजाला
माहुल के जहरीली शराब कांड में एक आबकारी इंस्पेक्टर नीरज सिंह को निलंबित कर दिया गया तो पुलिस विभाग ने एसओ अहरौला संजय कुमार सिंह व दो कांस्टेबल को निलंबित करने की संस्तुति कर दी गई है। हालांकि चुनाव के चलते ये सभी अभी कार्य कर रहे हैं। जबकि, जिला आबकारी अधिकारी की कोई जिम्मेदारी नहीं तय की गई है। माहुल में हुई घटना के एक दिन पूर्व जिला आबकारी अधिकारी छुट्टी पर जाने की योजना बना रहे थे, लेकिन चुनाव के चलते उन्हें छुट्टी नहीं मिल सकी। यह बात खुद जिला आबकारी अधिकारी ने बताई है।