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कोरोना से मृत घोषित महिला का होगा पोस्टमार्टम

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आजमगढ़। बरदह थाना क्षेत्र के सरायमोहन गांव में ब्याही महिला की रविवार को मौत हो गई थी। महिला के मौत के बाद मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ित करने और समय से इलाज न कराने का आरोप लगाया है। वहीं ससुराल वालों ने मृत महिला की मौत के बाद कोरोना जांच कराई तो उसमें रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। मरने के बाद हुई कोरोना जांच ने पेंच खड़ा कर दिया है। पुलिस ने बॉडी पीएम के लिए भेज दिया तो वहीं बॉडी अब तक मर्चरी में पड़ी है और पोस्टमार्टम करने वाले कर्मी कोरोना बॉडी का पीएम करने को तैयार नहीं हो रहे हैं। जबकि सीएमओ ने प्रोटोकॉल के तहत पीएम कराने की बात कही है।
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मृतका के भाई राजीव राय का कहना है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसकी बहन को प्रताड़ित कर रहे थे। यहां तक कि उसे मायके वालों से बात तक नहीं करने दिया जा रहा था। पति आशीष जिला मुख्यालय पर रह कर ठेकेदारी आदि करता था। उसकी तबीयत खराब हुई तो वह घर चला आया। उसकी तबीयत जब ज्यादा खराब हुई तो बहन ने फोन कर बताया। इसके बाद तो बहन की मोबाइल ही पति ने छीन लिया। बहन के सास व ननद आदि के नंबर पर फोन कर वह हाल लेता रहा। इस बीच रविवार को अचानक उसे यह जानकारी दी गई कि उसके बहन की तबीयत ज्यादा खराब है और वे उसे लेकर जिला मुख्यालय स्थित एक प्राइवेट अस्पताल ले जा रहे है। फिर कुछ देर बाद बताया गया है कि यहां आक्सीजन नहीं है तो दूसरे अस्पताल ले जा रहे है। रात साढ़े ग्यारह बजे फोन पर बहन के पति आशीष ने सूचना दिया कि उसके बहन की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही पति ने फोन कर कहा कि सुबह सात बजे तक जिसे आना है वह आ जाए क्योकि सुबह ही अंतिम संस्कार कर देना है। इस पर सूचना थाने पर दी गई। मामला पुलिस तक पहुंचते ही ससुराल वालों ने पीएचसी ठेकमा के एलटी को बुला कर कोरोना जांच करा लिया, जिसमें रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। थाने पर तहरीर पड़ने व मौत के बाद कोरोना की जांच ने ही पेंच खड़ा कर दिया है। मृतका के भाई ने आरोप लगाया है कि जानबूझ कर उसकी बहन का समय से इलाज नहीं कराया गया, जिसके चलते उसकी मौत हुई है। मृतका के भाई ने बहन के पति आशीष राय, ससुर अजय राय समेत परिवार के अन्य लोगों को नामजद किया है।
परिजनों के जांच न कराने पर भी संदेह
आजमगढ़। मृतका के भाई का यह भी आरोप है कि उसके बहन की मरने के बाद कोरोना जांच करा दी गई लेकिन परिवार के अन्य लोगों ने अपनी जांच नहीं कराई। वहीं शव की कोरोना जांच करने वाले डॉक्टर व एलटी ने भी परिजनों की जांच तत्काल करने की जिम्मेदारी नहीं निभाई। यहीं सब कारण है कि संदेह हो रहा है और वे अपनी बहन की मौत के पीछे किसी साजिश को देख रहे है। जिसके चलते ही शव का पीएम कराने की मांग वे कर रहे है ताकि यह पता चल सके कि कहीं आपदा को अवसर में बदलने की कवायद तो ससुराल वालों द्वारा नहीं की गई है।
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