आजमगढ़। शिक्षाधिकारी और एकेडमिक रिसोर्स पर्सन को स्कूलों का निरीक्षण का लक्ष्य दिया गया लेकिन निरीक्षण के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं हो रही हैं। शिक्षाधिकारी एवं एआरपी शहर से सटे विद्यालयों का निरीक्षण कर रहे हैं। देहात क्षेत्रों में कायाकल्प अटका हुआ है। निरीक्षण की प्रेरणा पोर्टल से पोल खुलने के बाद निदेशक विजय किरण आनंद ने शिक्षाधिकारियों को देहात क्षेत्रों का भी निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
जनपद स्तरीय टास्क फोर्स के समस्त सदस्यों को प्रत्येक माह पांच विद्यालयों का निरीक्षण अनिवार्य रूप से किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रेरणा पोर्टल के अनुसार जिला टॉस्क फोर्स के सदस्यों द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष 65 प्रतिशत, ब्लाक टास्क फोर्स के सदस्यों द्वारा 40 फीसदी, एबीएसए द्वारा 49 फीसदी ही निरीक्षण किए गए हैं।
प्रेरणा पोर्टल पर निरीक्षण आख्या के अनुसार मुख्य मार्ग, विकास खंड मुख्यालय के नजदीक या शहर के नजदीक स्कूलों का ही नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। जबकि देहात क्षेत्रों में निरीक्षण करने के लिए नहीं जा रहा है। निदेशक विजय किरण आनंद ने चेतावनी दी है कि निरीक्षण अधिकारियों द्वारा सर्वप्रथम सुदूर क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों का निरीक्षण करने के बाद ही शहरी क्षेत्रों के आसपास विद्यालयों का निरीक्षण किया जाए।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अम्बरीष कुमार ने बताया कि विद्यालयों का निरीक्षण समय-समय पर किया जा रहा है। लगभग 80 फीसद विद्यालयों का निरीक्षण किया जा चुका है। बाकी के विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा। ताकि उक्त विद्यालयों में भी बेहतर व्यवस्था हो सके।