आरोप है कि एक दिन रेस्टोरेंट मालिक ने परिवार के बारे में पूछा। जब उसने बताया कि उसका परिवार नहीं है तो अस्पताल ले जाकर खतना करा दिया। किशोर से कहा गया कि अब उसका नाम नूर मोहम्मद होगा और उससे नमाज भी पढ़वाई गई।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने धर्म परिवर्तन और शारीरिक शोषण के आरोप में मुर्शीद, रियासत अली और अफीफा रेस्टोरेंट के मालिक के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया था। बाद में बाराबंकी कोतवाली पुलिस ने मामला किशोर न्याय बोर्ड आजमगढ़ को भेज दिया। शुक्रवार को किशोर ने न्याय बोर्ड के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है।
क्या बोले अधिकारी
मामले में बाराबंकी में मुकदमा दर्ज हुआ था। बाराबंकी से मामले को आजमगढ़ ट्रांसफर किया गया है किशोर का धर्म परिवर्तन कराकर खतना करने और नमाज पढ़वाने का आरोप है। न्याय बोर्ड ने किशोर का बयान दर्ज किया है। -रजनीश कुमार श्रीवास्तव, चेयरमैन चाइल्ड कमेट