जहरीली शराब पीने से जान गंवाने वालों में फेंकू सोनकर की मां खेदो देवी बेटे को याद कर बेहोश हो जा रही थी। कहा कि उसके चार छोटे बच्चे बेसहारा हो गए हैं। इन्हें कौन देखेगा। वहीं गुमकोठी के पंचायत मित्र रविकांत की मौत से उसका परिवार बिखर गया है।
पत्नी संगीता दो बेटियों को सीने से लगा कर रोए जा रही थीं। पिता सुरेश ने कहा कि अब परिवार कैसे चलेगा, जो चलाता था वह खुद ही चला गया। ऐसा ही कुछ माहौल क्षेत्र के राजापुर माफी, गुमकोठी, इमामगढ़, नाटी, रसूलपुर, दखिनगावा आदि में भी देखने को मिल रहा है।
स्वास्थ्य व राजस्व विभाग की टीमें जहरीली शराब पीने वालों को चिह्नित करने के साथ ही उन्हें अस्पताल भेजने उनकी जांच और इलाज करवाने में जुटी हैं। कस्बा समेत आसपास के क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की तीन एंबुलेंस लगातार चक्रमण कर रही हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाया जा सके।
जहरीली शराब कांड में मृत संतराम के भाई मनीराम ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया है। मनीराम का कहना है कि रविवार को संतराम की तबीयत खराब होने पर अस्पताल ले जाया गया। सोमवार को उसकी मौत हो गई। हम शव लेकर घर चले आए।
तहसील की टीम आयी तो हमने पोस्टमार्टम कराने को कहा था। टीम के लोगों ने आश्वासन भी दिया लेकिन फिर टीम नहीं आई। जिस पर हमने शव को दफन कर दिया। यह पूरी घटना पुलिस व प्रशासन के लापरवाही का नतीजा है।