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दूषित पानी पीने को विवश है चक्की गांव के लोग

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देवारा क्षेत्र के घाघरा के कटान के मुहाने पर बगहवा गांव। - फोटो : AZAMGARH
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सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर घटने के बाद दो दिन से बढ़ने लगा है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान तेजी आ गई है। बगहवा गांव के 12 घरों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। इसके चलते तटवर्ती गांवों के लोग पलायन करने को विवश हैं।
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सगड़ी क्षेत्र के उत्तरी छोर पर प्रवाहित होने वाले घाघरा नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। दो दिन से लगातार घाघरा बढ़ रही है। बृहस्पतिवार को डिघिया गेज पर घाघरा नदी का जलस्तर 70.58 मीटर पर रहा जो शुक्रवार को 21 सेमी बढ़कर 70.79 मीटर हो गया। बहीं बदरहुंआ गेज पर बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर 71.22 मीटर दर्ज किया गया। जो शुक्रवार को 20 सेमी बढ़कर 71. 42 मीटर हो गया। डिघिया गेज पर नदी का खतरा बिंदु 70.40 मीटर और बदरहुंआ गेज पर खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। घाघरा नदी जो अपने जलस्तर के उतार-चढ़ाव के साथ ही अपने तटवर्ती क्षेत्रों में कटान को तेज कर दिया है। देवारा खास राजा के बगहवा का पुरा में घाघरा नदी कटान कर रही है। पिछले दिनों घाघरा नदी आठ घर काटकर समाहित कर चुकी है। वैसे तो इस गांव में 70 घर की आबादी निवास करती है। लेकिन इस समय 12 घरों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। कटान के भय से लोग पलायन कर रहे हैं। इस गांव के इंद्रासन, रणविजय, राम लखन, रामावास, लक्ष्मी, श्याम अवध, सुभाष, सीता, रामराज, गिरजा शंकर, धर्मनाथ अपना आशियाना अपने हाथों तोड़कर पलायन कर रहे हैं। देवारावासियों के सामने तमाम दुश्वारियां मुंह बाए खड़ी हैं। समस्याओं को झेलने के लिए लोग मजबूर हैं। घाघरा नदी किसानों की खेती भी काटती जा रही है, तो वहीं रिंग बांध को काटने पर आमादा है। चक्की गांव में लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। गांव में अभी तक दवा वितरण नहीं हुआ है।
गांगेपुर रिंग बांध के पास पहुंची घाघरा
लाटघाट। गांगेपुर रिंग बांध के पास घाघरा नदी का कटान जारी हैं। शुक्रवार को घाघरा नदी कटान का दबाव एक बार फिर बढ़ गया है। इससे लगभग तीन मीटर बंधे के पास कटान हुई। इसके बाद आनन-फानन में कटान को रोकने के लिए मैटेरियल वहां डाला जा रहा है। लेकिन कटान पर अभी तक काबू नहीं पाया गया है। अब तक जो भी उपाय किए गए हैं सारे उपाय फेल साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों में रिंग बांध कटने का डर सताने लगा है।
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