परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई और व्यवस्थाओं की हकीकत अब अभिभावकों से पूछकर जानी जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग विद्यालयों की शिक्षा गुणवत्ता पर सीधे अभिभावकों का फीडबैक लेने की तैयारी में है।
इसके लिए विभागीय कार्यालय में स्थापित हेल्प डेस्क से रोज करीब 50 अभिभावकों को फोन किया जाएगा। बच्चों की पढ़ाई से लेकर शिक्षकों की उपस्थिति, होमवर्क और मध्याह्न भोजन तक की जानकारी ली जाएगी। शिकायत मिलने पर उसे दर्ज कर संबंधित अधिकारी के माध्यम से निस्तारण कराया जाएगा।
हेल्प डेस्क के कर्मचारी अभिभावकों से फोन पर बातचीत कर स्कूल में बच्चों की पढ़ाई की स्थिति जानेंगे। उनसे यह भी पूछा जाएगा कि शिक्षक समय से विद्यालय पहुंचते हैं या नहीं और बच्चों को नियमित रूप से होमवर्क दिया जाता है अथवा नहीं।
इसके साथ ही मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्था को लेकर भी अभिभावकों से जानकारी ली जाएगी। इससे विभाग को स्कूलों की जमीनी स्थिति की जानकारी मिल सकेगी।
फीडबैक के दौरान किसी विद्यालय में पढ़ाई, शिक्षकों की उपस्थिति या एमडीएम से जुड़ी शिकायत मिलने पर उसे हेल्प डेस्क पर दर्ज किया जाएगा। इसके बाद शिकायत संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में भेजकर निस्तारण कराया जाएगा।
बीएसए राजीव कुमार पाठक ने शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए कार्यालय में हेल्प डेस्क स्थापित करने की पहल की है। विभाग का मानना है कि अभिभावकों से सीधे संवाद के जरिए स्कूलों में सामने आने वाली कमियों की नियमित निगरानी और समय से सुधार में मदद मिलेगी।