आजमगढ़। जनपद में वक्फ संपत्तियों के सर्वे का कार्य जनवरी में ही पूरा हो चुका है। वक्फ के नाम दर्ज 2904 संपत्तियों में से 1575 सरकारी निकली हैं। इनका कुल क्षेत्रफल 241 हेक्टेयर से अधिक है। अल्पसंख्यक विभाग ने जिला प्रशासन के माध्यम से इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
शासन के निर्देश पर जनपद में वक्फ संपत्तियों का सर्वे किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में शिया और सुन्नी वक्फ की कुल 2904 संपत्तियां हैं। सुन्नी वक्फ बोर्ड और शिया वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का लेखपालों से तहसीलवार सत्यापन कराया गया। इसके बाद जो रिपोर्ट आई, उसमें 1575 वक्फ की जमीन सरकारी निकली है। सार्वजनिक उपयोग की 241 हेक्टेयर जमीन वक्फ बोर्ड दबाए बैठा है। सर्वे की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है, सबसे ज्यादा निजामाबाद और सगड़ी तहसील में सरकारी जमीन पर वक्फ का कब्जा है। वहीं, सबसे कम बूढ़नपुर तहसील में सुन्नी वक्फ बोर्ड की 46 संपत्तियां हैं, जबकि इस तहसील में शिया वक्फ बोर्ड की कोई संपत्ति नहीं मिली है। इसमें 11 हेक्टेयर से अधिक सरकारी जमीन है। राजस्व अभिलेखों में दर्ज ग्राम समाज व अन्य सरकारी जमीन भी वक्फ बोर्ड के रजिस्टर में दर्ज है।
बिल पेश होते ही अलर्ट प्रशासन
बूढ़नपुर। वक्फ संशोधन बिल के मद्देनजर शासन की ओर से मंगलवार को ही अलर्ट जारी कर दिया गया। बुधवार को शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आया। इस दौरान कई जगह रूट मार्च निकाला गया।
बूढ़नपुर में एसडीएम पंकज दीक्षित, सीओ किरण पाल सिंह, थानाध्यक्ष अतरौलिया अमित मिश्रा और चौकी इंचार्ज बूढ़नपुर राम निहाल वर्मा के नेतृत्व में फोर्स ने बूढ़नपुर, अतरैठ और कोयलसा बाजार में रूट मार्च किया। अधिकारियों ने कहीं भी किसी प्रकार की अशांति न फैलाने की अपील लोगों से की। इस दौरान वरिष्ठ उपनिरीक्षक पवन सिंह, उपनिरीक्षक पवन कुमार शुक्ला, उपनिरीक्षक राजेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक अभिषेक यादव, महिला उपनिरीक्षक अनुराधा रहे। संवाद