आजमगढ़। जिला समाज कल्याण कार्यालय के ठीक बगल में स्थित जिला पूर्ति कार्यालय में कभी लोगों की समस्याओं का समाधान होता था। यहां जिला पूर्ति अधिकारी भी बैठते थे लेकिन समय के साथ यह भवन न केवल बदहाल होकर ध्वस्त हो रहा है, बल्कि अतिक्रमण भी किया जा रहा है। वर्ष 2021 से यह खाली पड़ा हुआ है। भवन के ठीक बगल में चाय की दुकान खुल गई है।
जिला पंचायत की जमीन पर कई इमारते बनी हैं। इन पर सरकारी कार्यालय तो चल ही रहे हैं, सरकारी कर्मचारी भी इसी मेंं रह रहे हैं। वर्ष 1994 में जिला पूर्ति का कार्यालय जिला पंचायत के भवन में स्थापित किया गया था। जिला पूर्ति विभाग की ओर से हर माह जिला पंचायत को किराये का भुगतान किया जाता था। यहां लोग राशन कार्ड से जुड़ी समस्याएं दूर कराने और राशन कार्ड बनवाने के लिए आते थे। इससे कार्यालय के साथ आसपास भी चहल-पहल रहती थी। यहीं से जिले के सभी कोटेदारों को आदेश-निर्देश जारी होते थे। जनता अपनी शिकायतें भी यहीं लेकर आती थी। जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) बैठकर उनकी समस्याओं को सुनते और समाधान करते थे। समय के साथ कार्यालय का भवन जर्जर होने लगा। छत टूट-टूटकर गिरने लगी। इस पर जिला पूर्ति अधिकारी सुनील पुष्कर गंभीर हुए और उन्होंने कार्यालय के भवन को बदलने का फैसला लिया। उनके प्रयास से सितंबर वर्ष 2021 में कार्यालय को एक किराये के भवन में शिफ्ट कर दिया गया। वर्ष 2021 से यह खाली पड़ा हुआ है। भवन जर्जर हो गया है। हालांकि किसी ने पर्दा लगा दिया है जिससे कोई अंदर देख नहीं सकता।
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काफी समय से हमारा कार्यालय जिला पंचायत के भवन में संचालित हो रहा था। धीरे-धीरे भवन जर्जर हो गया था। कभी-कभी छत से प्लास्टर टूटकर गिरने लगा था। कोई हादसा न हो, इसलिए उसे छोड़कर किराये के भवन में जिला पूर्ति कार्यालय को शिफ्ट किया गया है। - देवेंद्र सिंह, एआरओ जिला पूर्ति कार्यालय।