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वृद्ध किसान को दो घंटे मिली राहत, लेखपाल निलंबित

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आजमगढ़। कमिश्नर कनक त्रिपाठी की सख्ती के बाद कई माह से भटक रहे किसान को जहां दो घंटे में राहत मिली, वहीं बिना किसी आदेश के ही तीन सहखातेदारों के नाम अंकित करने पर आरोपी तत्कालीन लेखपाल को निलंबित कर दिया गया।
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मामला तहसील फूलपुर के ग्राम हेवती का है। मुहल्ला दलसिंगार निवासी किसान विजय कृष्ण ने कमिश्नर से शिकायत की थी कि उनकी जमीन तहसील फूलपुर के ग्राम हेवती में है। खतौनी वर्ष 1420-1425 फसली में वह अकेला खातेदार है। खतौनी वर्ष 1426-1431 फसली में तहसील स्टाफ और तत्कालीन लेखपाल गोरखनाथ यादव ने उनके नाम के साथ बिना किसी आदेश के बतौर सहखातेदार के रूप में शेख मुहम्मदजुबैर, शेख अबरार अहमद व शेश अबसार अहमद का नाम दर्ज करा दिया। शिकायत करने पर तहसीलदार फूलपुर ने लेखपाल और राजस्व निरीक्षक से आख्या मांगी थी। वर्तमान लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया था कि उक्त प्रकरण में पूर्व में जालसाजी की गई है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। कमिश्नर ने फूलपुर के उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को सख्त निर्देश दिया कि खतौनी में सहखातेदारों केनाम अंकित करने वाले तत्कालीन लेखपाल को निलम्बित करने के साथ वही तुरंत खतौनी को दुरुस्त करें। दो घंटे अन्दर खतौनी को दुरुस्त करते हुए उनके समक्ष प्रस्तुत कर दी गई। तत्कालीन लेखपाल गोरखनाथ यादव जो वर्तमान में खानजहांपुर मंडल में कार्यरत हैं के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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