मुबारकपुर के सीपीएस स्कूल में प्रवासियों को दिया जा रहा राशन।
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आजमगढ़। लाकडाउन के बीच बाहर से आने वाले प्रवासी श्रमिकों से बढ़ने वाले संक्रमण को रोकने के लिए शासन ने ट्रेन और बस से आने वाले प्रवासी श्रमिकों को तहसीलों में बनाए गए शेल्टर होमों में दो दिन रहने के बाद घर भेजने का शासनादेश जारी किया था। अब इसे खत्म कर दिया गया है। शुक्रवार को मुबारकपुर के सीपीएस स्कूल परिसर में भेजे गए प्रवासियों को कुछ देर रोकने के बाद ही राशन किट देकर घर भेज दिया गया।
जनपद में हजारों की संख्या में प्रवासियों का ट्रेन और बस के माध्यम से जनपद आगमन हो रहा है। जिसका परिणाम है कि जनपद में कोरोना का संक्रमण बढ़ा है। एक ही दिन में गुरुवार को 16 कोरोना पाजीटिव सामने आए। इसे देखते हुए जनपद के हर लोग सकते में हैं। वहीं शासन द्वारा इन प्रवासियों को दो दिन शेल्टर होम में रखने के बाद होम क्वारंटीन करने का शासनादेश जारी किया गया था , लेकिन ये व्यवस्था फिर खत्म कर दी गई है। शुक्रवार को लुधियाना से सरायमीर तक ट्रेन तक आने वाले प्रवासियों को बस के माध्यम से मुबारकपुर स्थित शेल्टर होम सेंट्रेल पब्लिक स्कूल में भेजा गया। वहां इन प्रवासियों को दो दिन रखने की बजाए जांच के बाद उनके नाम, पते, मोबाइल नंबर नोट करने और स्क्रीनिंग करने के बाद उन्हें राशन किट देकर होम क्वारंटीन के लिए भेज दिया गया।
शासन की ओर से एक शासनादेश जारी किया गया है। इसके अनुसार अब प्रवासी श्रमिकों को तब तक ही शेल्टर होम में रोकना है जब तक उनका नाम, पता और मोबाइल नंबर होने के साथ उनकी जांच नहीं हो जाती। साथ ही इनमें से कुछ बुजुर्ग और संदिग्ध प्रतीत होने वाले लोगों की सैंपलिंग नहीं हो जाती। यह कार्य होने के बाद उन्हें होम क्वारंटीन पर भेजना है।
गुरु प्रसाद गुप्ता, एडीएम वित्त एवं राजस्व।