मंडलीय जिला चिकित्सालय के चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक भी अपनी जिस गाड़ी का प्रयोग करते हैं। उस गाड़ी पर उन्होंने नीचे की तरफ उप्र सरकार और ऊपर शीशे पर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक लिखा रखा है। इसके अलावा उनकी गाड़ी के ऊपर नीली और लाल बत्ती भी लगी हुई है।
एक्सट्रा मजिस्ट्रेट भी कर रहे नीली और लाल बत्ती का उपयोग
जनपद में एक एक्सट्रा मजिस्ट्रेट की गाड़ी मंगलवार को कलेक्ट्रेट के पार्किंग में खड़ी थी। उस पर मजिस्ट्रेट के साथ ही ऊपर नीली और लाल बत्ती लगी हुई थी। पूछने पर गाड़ी चालक ने बताया कि यह गाड़ी एक्सट्रा मजिस्ट्रेट साहब की गाड़ी है।
सिर्फ पुलिस और एंबुलेंस को नीली और लाल बत्ती का प्रयोग करने का अधिकार है। किसी आपदा के दौरान एसडीएस और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी इसका उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा अगर कोई करता है तो यह गलत है।
-एके राजपूत, आरटीओ
वीआईपी कल्चर को लेकर शासन का निर्देश है। किसी भी वाहन पर लाल व नीली बत्ती और हूटर नहीं होना चाहिए। अगर कोई ऐसा कर रहा है तो अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कुछ लोग जाति सूचक शब्द लिखकर भी चल रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अनिल कुमार, एसपी