आजमगढ़। परिषदीय स्कूलों की दशा व दिशा में सुधार की कवायद जारी है। अब प्रदेश सरकार ने इन स्कूलों में पढने वाले बच्चों की मासिक प्रगति रिपोर्ट तैयार कराने की योजना बनाई है। जिसके आधार पर बच्चों के शैक्षिक विकास का आकलन किया जाएगा। इतना ही नहीं शिक्षकों की भी नकेल कसने की रणनीति तय की गई है, जिसके तहत शिक्षकों को अब डेरी रिपोर्ट व शिक्षण योजना भी तैयार करनी होगी। इसी को लेकर विभाग इन दिनों शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दे रहा है।
परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन का स्तर बेहतर करने को लेकर शासन स्तर से लगातार कार्य किए जा रहे है। कई परिषदीय स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में तब्दील किया गया है। ताकि कांवेंट स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय स्कूलों को भी खड़ा किया जा सके। लेकिन शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार अब तक देखने को नहीं मिला है। जिसके चलते विभाग ने नई योजनाएं बनाई है। इसके तहत अब परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की मासिक प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इतना ही नहीं शिक्षक शिक्षण प्लान तैयार करेंगे और डेली रिपोर्ट भी बनाएंगे। मासिक रिपोर्ट में बच्चें के प्रतिदिन के पढ़ने, लिखने व सीखने का डाटा अंकित किया जाएगा। ताकि बच्चे के शैक्षिक स्तर का आकलन किया जा सके और जहां कमियां नजर आए, उसे सुधार कर बच्चे का शैक्षिक विकास किया जा सके। इतना ही नहीं शिक्षकों पर भी नकेल कसने की योजना बनी है। जिसके तहत शिक्षकों को पाठ वार शिक्षण योजना भी बनानी होगी और उस योजना के तहत ही बच्चों को पढ़ाना होगा। इतना ही नहीं शिक्षकों को अपने दिन भर का क्रिया कलाप डेली रिपोर्ट में अंकित करना होगा। जिसके अनुसार शिक्षकों का भी आकलन विभाग करेंगे। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षण व्यवस्था में सुधार को लेकर शासन द्वारा निर्धारित किए गए इन सभी नए मापदंडों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए सरकार शिक्षकों को वर्तमान में ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दे रही है।
परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की कवायद के तहत कई कार्य विभाग कर रहा है। बच्चों की मंथली प्राग्रेश रिपार्ट नए सत्र की शुरूआत के साथ तैयार करानी शुरू करा दी जाएगी। इन दिनों चल रहे प्रशिक्षण के तहत शिक्षकों को इन्हीं तीन बिंदुओ मंथली प्रोग्रेश रिपोर्ट, शिक्षण प्लान व डेली रिपोर्ट की जानकारी दी जा रही है। - अमरनाथ राय, प्रभारी बीएसए/डायट प्राचार्य।