आजमगढ़। 16 से 22 जुलाई तक चलाए जा रहे भूजल सप्ताह के तहत वर्षा जल है जीवन धारा, इसका संचयन संकल्प हमारा विषयक संवाद संगोष्ठी जिलाधिकारी राजेश कुमार के निर्देश पर सावित्री बाई फूले पालीटेक्निक कालेज में भू जल विभाग की ओर से बुधवार को आयोजित की गई। कुलभूषण सिंह ने वचुर्वल संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया। आज से ही जल संचयन पर जोर देते हुए आगामी पीढ़ियों को शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए बच्चों को जागरूक करने तथा जल बचत, रिचार्ज, वाटर हार्वेस्टिंग के महत्वत्ता पर प्रकाश डाला।
कुलभूषण सिंह ने बताया कि मानव जीवन में जल सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। जिस तरह वर्तमान में जल का दोहन हो रहा है, ऐसे में 2050 तक शुद्ध जल के स्तर को बनाने के लिए आज से ही जागरूक होना बेहद आवश्यक है। जल रिचार्ज सबसे महत्वपूर्ण हैं। इसके लिए हमें अपने दिनचर्या में आज से ही सचेत होना है।बुदेलखंड में पानी की जो समस्या उत्पन्न हो चुकी है उसकी भयावकता से सीख लेनी होगी। सबमर्सिबल में 100 लीटर प्रति मिनट पानी निकलता है, वह पानी टंकी में ओवरफ्लो होने से पांच मिनट में 500 लीटर बर्बाद हो जाता है। इसके बचाव के लिए एर्लाम लगाया जाना अति आवश्यक है। हम कार धोने में 300 लीटर, शौच में 20-30 लीटर पानी, ब्रश करने के दौरान खुले नल के माध्यम से पांच मिनट में 20 लीटर, नहाते समय आधे घंटे में 90 लीटर पानी बर्बाद करते है। वर्तमान में आरओ मशीन द्वारा एक लीटर पानी के लिए एक चौथाई पानी बर्बाद होता है। यह वह जल है जो भूमि के अंदर से आता है। भूमिगत जल का विशेष महत्व है, इसका संचयन जरूरी है। अगर हम ब्रश करने के दौरान मग का प्रयोग करे तो मात्र आधा लीटर, टायलेट में नये फ्लश का इस्तेमाल करें तो 7.5लीटर, कार को धोने में अगर मग और बलटी प्रयोग करे तो हम 250 लीटर के सापेक्ष महज 50 लीटर पानी की मदद से कार को धुल कर बड़े पैमाने पर पानी बचा सकते है, इसे छोटे-छोटे कदमों से ही हम जल संचयन की मुहिम का बड़ा हिस्सा बन सकते है और अन्य के लिए उदाहरण बन सकते है। घरों के छत पर वर्षा के पानी को छत से सीधे जमीन में जाने के लिए वाटर हार्वेसिस्टंग सिस्टम लगाना चाहिए। 100 स्क्वायर मीटर छत के वाटर हावेस्टिंग सिस्टम से हम लगभग 80 हजार से एक एकलाख लीटर पानी बचा सकते हैं। किसानों से वार्ता करें कि अगर उनके क्षेत्र में पानी की कमी है तो वह दलहन आदि की खेती कर धन अर्जित करें। पानी बचाएं और दलहन की ज्यादा खेती कर अर्जित धन से चावल की खरीद कर लें, जो जल संचयन का एक हिस्सा होगा। जिस क्षेत्र में शुद्ध पानी उपलब्ध होगा वहीं पर सामाजिक, आर्थिक गतिविधियां बेहतर होगी तभी निवेश, रोजगार हर तरह के साधन होंगे।। बच्चों से अपील किया पानी और हवा बनाना मानव के लिए असंभव है। इसलिए पानी को समय रहते संचयन की मुहिम का आगाज करना होगा। एक्सईएन रविकांत सिंह, दीपक कुमार, दीपक यादव, दारा सिंह, रितेश मिश्रा आदि ने भी संबोधित किया। जीडी ग्लोबल, पालिटेक्निक के छात्र मौजूद रहे।