19 जुलाई 2013 को जीयनपुर कस्बे में पूर्व विधायक सर्वेश सिंह उर्फ सीपू सिंह की उनके आवास के सामने ही गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में पूर्व विधायक के बड़े भाई संतोष सिंह उर्फ टीपू सिंह ने जीयनपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
जिसमें कुख्यात ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू समेत अन्य को नामजद किया। पुलिस ने विवेचना पूरी करते हुए 13 के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। जिसमें ध्रुव कुमार सिंह कुंटू के अलावा राजेंद्र यादव, संग्राम सिंह, रिजवान, विजय, दिनेश, मृत्युंजय, शिव प्रकाश, दुर्ग विजय, अभिषेक, अरविंद व एक नाबालिग शामिल थे।
नौ साल से चल रहे मुकदमें में मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश रामानंद ने इन 13 अभियुक्तो में से मुकदमा दर्ज होने के बाद से फरार चल रहे अभिषेक व अरविंद कश्यप की फाइल अलग कर दी।सजा पर सुनवाई के लिए 12 मई की तिथि नियत थी। अब सजा पर सुनवाई को लेकर 17 मई की तिथि मुकर्रर की गई है।
वहीं एक के नाबालिग होने के चलते उसका मुकदमा जुनाइल कोर्ट स्थानांतरित कर दिया गया। शेष नौ अभियुक्तों को सीपू हत्याकांड में दोष सिद्ध घोषित किया गया। सजा के बिंदू पर सुनवाई के लिए अब 12 मई की तिथि नियत की गई है। दोषसिद्धी के दौरान सीबीआई के अधिवक्ता दीप नरायन, शासकीय अधिवक्ता विनय मिश्रा व संजय द्विवेदी समेत अन्य अधिवक्तागण मौजूद रहे।