राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल से जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ने लगा है। मरीजों को इलाज, जांच और टीकाकरण के लिए सीएचसी-पीएचसी पहुंचना पड़ रहा है।
ऐसे में पहले से संचालित स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग नियमित कर्मचारियों के सहारे व्यवस्था संभालने में जुटा है।
एनएचएम के तहत जिले में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और स्वास्थ्य केंद्रों पर करीब 1500 स्वास्थ्य कर्मी तैनात हैं। नियमितीकरण, वेतन विसंगति, स्वास्थ्य बीमा सहित विभिन्न मांगों को लेकर एक सप्ताह से सीएचओ और एएनएम कर्मी हड़ताल पर हैं।
मंगलवार को जब पड़ताल की गई तो कई आयुष्मान आरोग्य मंदिर हड़ताल के चलते बंद मिले। इससे सीएचसी और पीएचसी पर मरीजों की भीड़ रही। चौकी गांव की संगीता, बालचंद असवनिया के विवेक सिंह, मनोज सिंह और आद्या प्रसाद दुबे ने बताया कि आरोग्य मंदिर बंद होने से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सामान्य बुखार और जुकाम के मरीजों को भी उपचार के लिए सीएचसी और पीएचसी पर जाना पड़ रहा है। अहरौला, बिलरियागंज, सठियांव, रानी की सराय, तहबरपुर, महुवारी सहित सभी ब्लॉकों के एनएचएम कर्मी हड़ताल पर चले गए हैं। बूढ़नपुर क्षेत्र के हूंसेपुर रामजियावन आरोग्य मंदिर में ताला लटका रहा।
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ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था हुई प्रभावित
अतरौलिया। संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। लोहरा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद होने से मरीजों को इलाज के लिए सीएचसी और पीएचसी जाना पड़ रहा है। इससे इन केंद्रों पर मरीजों की संख्या बढ़ गई है। स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ. शिवाजी सिंह ने बताया कि नियमित कर्मचारियों के सहारे स्वास्थ्य सेवाएं संचालित की जा रही हैं। संवाद
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इलाज को 10 किमी दूर जा रहे मरीज
बरदह। क्षेत्र के असवनिया में स्थित आरोग्य मंदिर बंद होने से मरीजों को 10 किमी दूर बरदह सीएचसी पर इलाज, जांच और टीकाकरण के लिए जाना पड़ रहा है। ग्रामीण मधुबन सिंह, अमरजीत और पवन दुबे ने बताया कि सेंटर बंद होने से स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां जल्द से जल्द स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती कर नियमित सेवाएं शुरू कराई जाएं। संवाद
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पीएचसी पर बढ़ा मरीजों का दबाव
ठेकमा। क्षेत्र में तैनात 18 सीएचओ की हड़ताल से गांवों में संचालित आरोग्य मंदिरों पर स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हैं। सामान्य दिनों की अपेक्षा पीएचसी ठेकमा पर करीब चार गुना मरीज बढ़े हैं। इससे अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ गया है। वहीं, एएनएम कार्यकर्ताओं की हड़ताल के कारण टीकाकरण अभियान भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य करने के लिए हड़ताल समाप्त होने का इंतजार किया जा रहा है। संवाद
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कार्य बहिष्कार कर सीएमओ कार्यालय पर किया प्रदर्शन
संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के बैनर तले मंगलवार को एनएचएम के संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने आठवें दिन भी सीएमओ कार्यालय के बाहर कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया।
जिलाध्यक्ष नरेंद्र कुमार ने कहा कि 12 अक्टूबर को प्रदेश भर के हजारों स्वास्थ्य कर्मी लखनऊ में अपनी मांगों को लेकर पहुंचे थे, लेकिन ग्रेच्युटी और ईपीएफ कटौती की मांग पूरी होने के बाद वेतन विसंगति, स्वास्थ्य बीमा, स्थानांतरण और आउटसोर्सिंग कर्मियों का निगम या जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजन करने के संबंध में कोई लिखित आश्वासन नहीं मिला।
इसके कारण राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों ने अपना धरना-प्रदर्शन जारी रखा है। जिला महामंत्री पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मौके पर डॉ. सुजीत, संजय, ममता, अमिता, अनुपम आदि मौजूद रहे। संवाद
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्यकर्मी मांगों को लेकर धरने पर हैं। कुछ लोगों को नोटिस दिया गया है कि वे काम पर लौटें। लखनऊ से आने के बाद कुछ लोग काम पर भी लौट रहे हैं। जो लोग नहीं लौटेंगे, उनके वेतन से कटौती की जाएगी। स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए नियमित स्वास्थ्य कर्मचारियों को लगाया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही संविदा कर्मी काम पर लौटेंगे। -डॉ. एनआर वर्मा, सीएमओ
बूढ़नपुर तहसील के हूंसेपुर रामजियावन आरोग्य मंदिर में ताला बंद। संवाद