आजमगढ़। हिंदू धर्म में नाग पंचमी का खास महत्व है। इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। इस वर्ष नाग पंचमी 13 अगस्त को मनाई जाएगी। श्रावण माह की पंचमी तिथि को नाग देवता के पूजन के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके लिए मंदिरों में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
नाग पंचमी श्रावण मास की शुक्ल पक्ष पंचमी को मनाया जाता है। मान्यता है कि सर्पों को अर्पित की जाने वाली कोई भी पूजा, नाग देवताओं के समक्ष पहुंच जाता है। इसलिए लोग इस अवसर पर नाग देवताओं के प्रतिनिधि के रूप में जीवित सर्पों की पूजा करते हैं।
जिले में नागपंचमी का पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा। पर्व को लेकर शिवमंदिरों को सजाया जा रहा है। नगर क्षेत्र के कई के डीह स्थान पर लगने वाले मेले और चढ़ने वाली कढ़ाईयों के लिए बृहस्पतिवार को ही व्यवस्था कर दी गई। नागपंचमी पर्व को लेकर नगर स्थित विभिन्न शिवमंदिरों में साफ-सफाई कर ली गई है। वहीं नगर के भंवरनाथ स्थित शिवमंदिर, बौरहवा बाबा सहित महाराजगंज स्थित भैरव धाम, मेहनगर के गौरा गांव स्थित पातालपुरी महामंडलेश्वर आदि स्थानों पर नागपंचमी पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ेगी। शिवमंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सर्तक है। इसी क्रम में मोहम्मदपुर के रानीपुर रजमो स्थित मां अगवानी के धाम पर नागपंचमी के अवसर पर मेला लगता है। तैयारियों को लेकर बृहस्पतिवार को पूरे दिन मंदिर परिसर सहित आस-पास सफाई का क्रम जारी रहा।