आजमगढ़ में मनरेगा में शनिवार से एसएचजी समूहों की महिला मित्रों की नियुक्ति के लिए सरकार द्वारा महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। जिससे इन महिलाओं को 5000 रुपये मिलेंगे। शनिवार को इसकी शुरूआत की गई। सीडीओ द्वारा 51 अधिकारियों को अलग-अलग गांवों में भेजा गया साथ ही उन्होंने खुद बिंदवल में महिला मेठ गीता देवी से इसकी शुरूआत कराई। मनरेगा मजदूरों की हाजिरी एप द्वारा लेने की शुरूआत की गई।
इसके अलावा परियोजना निदेशक, डीसी मनरेगा, डीसी एनआरएलएम, समस्त खंड विकास अधिकारियों, समस्त एडीओ, समस्त जिला मिशन मैनेजर एवं समस्त अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी द्वारा 54 ग्राम पंचायतों में प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा आज से ट्रांसपैरेंट व्यवस्था के तहत मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम भी लागू किया गया। जिससे मौके पर ही मजदूरों की हाजिरी मोबाइल के एमएमएस एप द्वारा लेने की शुरूआत की गई।
योजना के तहत जनपद के सभी विकास खंड के कुल 54 ग्राम पंचायतों के रोजगार सेवकों के मोबाइल में कार्य स्थल पर मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम एप डाउनलोड कराते हुए कार्यरत श्रमिकों की आनलाइन हाजिरी अपलोड कराकर इस एप को अभियान के रूप में शुरू किया गया। इन 54 ग्राम पंचायतों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों से एक-एक सक्रिय महिलाओं को मेट के रूप में चयन कर मनरेगा योजना के विषय मे मेट के कार्य के लिए प्रशिक्षण दिया गया। आगामी तीन सप्ताह के अंदर जनपद की समस्त ग्राम पंचायतों के ग्राम रोजगार सेवक एवं महिला स्वयं सहायता समूहों की महिला मेट एवं तकनीकी सहायकों के मोबाइल पर मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम एप डाउनलोड कराकर मनरेगा के कार्यों पर कार्यरत श्रमिकों की हाजिरी मोबाइल एप के माध्यम से अनिवार्य रूप से की जाएगी।
डीसी मनरेगा बृजभान सिंह का कहना है कि वैसे तो एमएमएस एप को जनपद की 108 ग्राम पंचायतों के रोजगार सेवकों, ग्राम प्रधानों और सेक्रेटरियों के मोबाइल पर अपलोड हो चुकी है। लेकिन अभी इसमें कुछ अपडेशन का कार्य चल रहा है। जो 18 मई तक पूरा होगा। इसके बाद 19 मई से यह पूरी तरह से लागू हो जाएगा।