फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कड़ाके की ठंड के साथ बढ़ी गलन, बेहाल हुआ जनमानस, घर में दुबके लोग

विज्ञापन
गलन से बचने के लिए लाटघाट में अलाव तापते लोग। - फोटो : AZAMGARH
विज्ञापन
आजमगढ़। लगभग चार दिनों से कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। लोग अपने-अपने घरों के पास अलाव जलाकर जहां ठंड को दूर करने का प्रयास करते रहे, वही दुकानदार अपनी दुकारों के पास अलाव का सहारा लेते नजर आए।
विज्ञापन

प्रात:काल गलन का प्रकोप तेज रहा, दोपहर बाद धूप निकलने से ठंड से लोगों को थोड़ी राहत मिली। दो दिनों तक जहां सूर्य के दर्शन नहीं हुए तो वही सोमवार और मंगलवार को सूर्य के दर्शन होने के बाद भी गलन से राहत नहीं मिली। सूर्यास्त के बाद तो और बूरा हाल हो गया। एक तो गलन बढ़ गई तो वहीं कोहरा ने परेशानी को और बढ़ा दिया।
शहर से लेकर ग्रामीणांच तक ठंड का कहर लोगों को सता रहा है। अलाव ही लोगों का सहारा बना हुआ है। सुबह व शाम के वक्त तो वहीं घरों से बाहर निकल रहे है, जिन्हे कोई जरूरी काम है। दिन में थोड़ा बहुत सूर्य का दर्शन हो रहा है लेकिन वह गलन को कम करने में सहायक नहीं साबित हो रहा है। लाटघाट संवाददाता के अनुसार गलन वाली कड़ाके की ठंड पडने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में अलावा नहीं जल रहे है। जिसके कारण लोग ठंड से काफी परेशान है। ग्रामीणों ने ब्लाक से लेकर तहसील स्तर तक अलाव जलवाए जाने की जिला प्रशासन से मांग किया। सगड़ी क्षेत्र में रौनापार, चादपट्टी, हरैया, खोजौली, बेलकुंडा, काखभार,महुला,सुरैना, बाजार गोसाई जीयनपुर थाना क्षेत्र के सतना बाजार,अजमतगढ़, जीयनपुर आदि जगहों पर सरकारी अलाव नहीं जल रहे हैं। ठंड अधिक बढने के कारण गलन से लोग परेशान हो रहे हैं और बीमार भी हो रहे हैं। रात्रि में यात्रा पर जाने और आने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ठंड के मारे लोग बाजार में सामानों की खरीदारी के लिए बहुत कम जा रहे हैं। ठंड से बच्चे, बूढ़े ,महिलाएं सभी लोग परेशान हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले ठंड के समय चट्टी चौराहों पर अलाव जलाया जाता था। बस स्टेशन हो या सार्वजनिक स्थल हो। जहां तहसील प्रशासन की तरफ से अलाव जलाने की व्यवस्था की जाती थी। क्षेत्र के रामाश्रय राय, नारायण यादव, परशुराम यादव, वीरेंद्र राय, अशोक पांडेय, नारद सिंह पटेल आदि ने बताया कि यह पहली बार है जब इतनी कड़ाके की ठंड के बाद भी अलाव जलाने की कोई व्यवस्था नहीं है। लोगों ने कहा कि हम अलाव की व्यवस्था खुद कर रहे है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से ब्लाक स्तर से लेकर तहसील स्तर तक जनहित में अलाव जलवाए जाने की मांग किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें