आजमगढ़। एक दशक पुराने कातिलाना हमले के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-1 के अपर सत्र न्यायाधीश जैनुद्दीन अंसारी ने मंगलवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोषी श्याम बाबू पासी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 2000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। दोषी ने अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी शौनक साहू निवासी अनंतपुरा कटरा थाना कोतवाली 18 मार्च 2014 की सुबह अपनी दुकान पर मौजूद था। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार तीन हमलावर वहां पहुंचे और फायरिंग कर दी। इस हमले में वादी के चाचा नंदलाल को कई गोलियां लगीं। उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए वाराणसी रेफर किया गया।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की छानबीन करते हुए चार आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया। श्याम बाबू पासी को इस साजिश का मुख्य सूत्रधार बताया गया। वर्तमान में आरोपी बुलंदशहर जेल में निरुद्ध था, जिसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया।
सुनवाई के दौरान श्याम बाबू पासी ने अदालत के समक्ष अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और कम सजा देने की गुहार लगाई। वहीं, सहायक शासकीय अधिवक्ता ने इसका कड़ा विरोध करते हुए अधिकतम सजा देने की मांग की।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने श्याम बाबू पासी को भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत 10 वर्ष की सश्रम कैद और 2000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित मानी जाएगी। वहीं इस मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ सुनवाई अब भी जारी है।