पर्यटकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं, बढ़ेंगे स्वरोजगार के अवसर
आजमगढ़। पौराणिक चंद्रमा ऋषि आश्रम सिलनी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। महर्षि वाल्मीकि ईको पार्क के निर्माण के लिए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने पांच करोड़ का प्रस्ताव भेजा है। पर्यटन विभाग के सहयोग से ईको टूरिज्म परियोजना के तहत इसका निर्माण कराया जाएगा।
महत्वपूर्ण परियोजना का डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) शासन की ओर से नामित आर्किटेक्ट एवीएफ क्रिएटिव कंसल्टेन्सी लिमिटेड ने तैयार कीहै। परियोजना का अप्रूवल बृहस्पतिवार को शासन स्तर पर हुआ। जिलाधिकारी ने बताया है कि प्रस्तावित महर्षि वाल्मीकि ईको पार्क के तहत चंद्रमा ऋषि आश्रम परिसर में पर्यटकों व श्रद्धालुओं की सुविधा और प्राकृतिक सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न आकर्षक व उपयोगी संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा। परियोजना के क्रियान्वयन से चंद्रमा ऋषि आश्रम क्षेत्र को एक प्रमुख आध्यात्मिक व ईको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित किया जा सकेगा। यहां आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित व आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। जिलाधिकारी ने बताया है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के क्रियान्वयन से जिले के धार्मिक व पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिलेगी और क्षेत्र में पर्यटन विकास को नई गति प्राप्त होगी।
चंद्रमा ऋषि व महर्षि वाल्मीकि के जीवन वृत्त पर आधारित बनेंगे म्यूरल्स वॉल
इस परियोजना के तहत गजीबो, व्यूइंग डेक, ईको कॉटेज, कैफेटेरिया, पर्यटन सूचना केंद्र, भव्य प्रवेश द्वार, चंद्रमा ऋषि व महर्षि वाल्मीकि के जीवन वृत्त पर आधारित म्यूरल्स वॉल, सोलर लाइट, मेडिटेशन व योगा सेंटर, आरती स्थल, बच्चों के लिए प्ले एरिया और आकर्षक पाथवे सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।