आजमगढ़। सरकारी सस्ते गल्ले (कोटे) की दुकान के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से भी लाइसेंस लेना होगा। सभी तरह के खाद्यान्न एवं पेय पदार्थों के दुकानदारों पर भी लागू होगी। इतना ही नहीं खाद्य सुरक्षा विभाग खाद्यान्नों की नियमित जांच कर सकेगा। नई तथा पुराने सभी दुकानों को 30 जून तक नई व्यवस्था के दायरे में लाना है। खाद्य सुरक्षा विभाग के दायरे में अब सिर्फ होटल, रेस्टोरेंट संचालक ही नहीं होंगे। सभी तरह के खाद्यान्न एवं पेय पदार्थों के विक्रेताओं को इसके दायरे में लाया जाएगा। इसी क्रम में शराब एवं कोटे की दुकान संचालकों के साथ मंडियों में पंजीकृत व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। नई व्यवस्था में खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसरों के पास खाद्यान्नों की जांच का भी अधिकार होगा। यानी, विभाग के अफसर किसी भी समय संदिग्ध नमूने लेकर जांच के लिए लैब में भेज सकेंगे। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीके राय ने बताया कि अभियान चलाकर सभी दुकानदारों को पंजीकरण कराया या लाइसेंस जारी किया जाएगा। यदि वह समय से लाइसेंस नहीं लेते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महीने भर बाद एक भी पंजीकरण नहीं
आजमगढ़। मंडियों में पंजीकृत तथा कोटे की दुकानों के लिए लाइसेंस जारी करने का आदेश एक महीने पहले जारी हुआ था लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। आलम यह है कि अभी तक किसी दुकानदार ने पंजीकरण नहीं कराया है और न ही लाइसेंस लिया है।
तीन माह के अंदर नहीं बनाया लाइसेंस तो होगी कार्रवाई
आजमगढ़। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीके राय ने बताया कि शासन ने विभाग का दायरा बढ़ा दिया है। अब आबकारी विभाग से संचालित शराब का ठेका, मंडी व खाद्यान्न व पेय पदार्थों को के दुकानदार भी विभाग के दायरे में होंगे। उन्हें विभाग से लाइसेंस लेना होगा, बिना लाइसेंस के वह संचालित नहीं करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि तीन माह के अंदर सभी दुकानदार लाइसेंस बनवा लें। यदि वह समय रहते लाइसेंस नहीं बनवाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।