जिले में विधानसभा की कुल 10 सीटें हैं। 2017 में हुई पोलिंग प्रतिशत की बात की जाए तो जिले में 56 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाने को लेकर आयोग के साथ ही प्रशासनिक अमले ने भी काफी प्रयास किया है, जिससे उम्मीद जतायी जा रही है कि सोमवार को होने वाले मतदान में वोटिंग प्रतिशत निश्चित तौर पर बढ़ेगा। पिछले विधान सभा चुनाव में मुबारकपुर में सर्वाधिक 60.96 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।
विधान सभा चुनाव के तहत सोमवार की सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक वोटिंग होगी। मतदान के पूर्व वोट प्रतिशत में बढ़ोत्तरी को लेकर जिले में जागरूकता के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए गए। सरकारी कार्यक्रमों के साथ ही प्राइवेट संस्थाओं ने भी मतदाताओं को जागरूक करने का काम किया। 2017 के चुनाव में जिले में कुल 56 प्रतिशत मतदान हुआ था। जिसमें सर्वाधिक पोलिंग मुबारकपुर विस सीट पर हुई थी। जहां 60.96 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इसके अलावा अतरौलिया विस क्षेत्र में 58.72 प्रतिशत, गोपालपुर में 56.49 प्रतिशत, सगड़ी में 54.66 प्रतिशत, आजमगढ़ सदर में 56.81 प्रतिशत, निजामाबाद में 55.04 प्रतिशत, फूलपुर-पवई में 58.42 प्रतिशत, दीदारगंज में 54.72 प्रतिशत, लालगंज में 53.04 प्रतिशत व मेंहनगर विस में सबसे कम 52.28 प्रतिशत मतदान हुआ था। 2017 के बाद 2019 में हुए लोकसभा चुनाव की बात की जाए तो ओवरऑल वोटिंग में मात्र .12 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी और वोटिंग मत प्रतिशत बढ़ कर 56.12 प्रतिशत हो गया था। अब 2022 के विस चुनाव में इस वोटिंग प्रतिशत में बढ़ोत्तरी की उम्मीद की जा रही है।
पांच पर सपा, चार पर बसपा व एक पर भाजपा थी जीती
आजमगढ़। 2017 के विधान सभा चुनाव में जिले की 10 सीटों के परिणामों की बात की जाए तो मोदी लहर के बाद भी समाजवादी पार्टी ने पांच विस सीटो आजमगढ़ सदर, अतरौलिया, गोपालपुर, मेंहनगर व निजामाबाद में जीत दर्ज किया था। वहीं बहुजन समाज पार्टी ने चार सीटों दीदारगंज, मुबारकपुर, लालगंज व सगड़ी की सीट पर कब्जा जमाया था। जिले की एक मात्र फूलपुर-पवई विस सीट पर भाजपा का कमल खिला था। 2022 के चुनाव की बात की जाए तो बसपा के एक विधायक का निधन हो चुका है और उनके पुत्र सपा से चुनाव मैदान में है तो वहीं दो विधायक दूसरे दलों के टिकट पर चुनाव मैदान में जोर आजमा रहे है। इसमें एक मुबारकपुर व दूसरी सगड़ी विधान सभा सीट है। भाजपा ने भी अपने इकलौते विधायक का टिकट काट दिया है। ऐसा विधायक के पिता द्वारा समाजवादी पार्टी से दावेदारी करने के कारण हुआ है। अब 2022 का परिणाम क्या होगा यह तो आगामी 10 मार्च को मतगणना के बाद ही सामने आएगा।