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विपदा की घड़ी में भी गरीबों के हक कोटेदारों ने डाका डाला

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मोलनापुर में कम राशन देने हंगामा करते ग्रामीण। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। लॉक डाउन घोषित होने के बाद गरीबों को भूख से बचाने के लिए सरकार ने उन्हें 35 किग्रा राशन मुफ्त देने की घोषणा की। बुधवार को सभी कोटे की दुकानों पर राशन का वितरण भी शुरू हो गया। लेकिन इस विपदा की घड़ी में भी कोटेदार लोगों को लूटने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसका खुलासा उस समय हुआ जब एक कोटेदार द्वारा 35 किग्रा की बजाए गरीबों को 33 किग्रा राशन ही दिया जा रहा था।
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बुधवार को जैसे ही कोटे की दुकानों पर राशन का वितरण शुरू हुआ कुछ देर बाद ही एक वीडियो वायरल हो गया है। यह वीडियो रानी की सराय विकास खंड के किसी कोटे की दुकान का बताया जा रहा है। जिसमें कोटेदार द्वारा लोगों को 33 किग्रा राशन देने की ही बात कही जा रही है। लाभार्थी द्वारा जब उसे 35 किग्रा देने की बात कही जाती है तो वह उसे गणित बताकर 33 किग्रा मिलने की ही बात कहता है। इस बीच किसी ने इस वीडियो को बनाकर वायरल कर दिया। सबसे बड़ी बात तो यह रही कि जिला प्रशासन की ओर से हर कोटे की दुकान पर नोडल अधिकारी तैनात किया गया था। जिनकी मौजूदगी में ही राशन वितरण करना था। तो जब कोटेदार द्वारा ऐसा किया जा रहा था तो वह कहां थे यह समझ से परे है।
उधर अहरौला विकास खंड की ग्रामपंचायत मोलनापुर में बुधवार को कोटेदार द्वारा गरीबों को राशन कम वितरित किए जाने पर ग्रामीणों ने जम कर हंगामा किया। सूचना पर थाना प्रभारी अहरौला संदीप यादव मौके पर पहुंचे और शांत कराया। मोलनापुर ग्राम सभा में कुल 53 अंत्योदय व तीन सौ से अधिक पात्र गृहस्थी के कार्डधारक हैं। कोटेदार मो. शाहिद अंत्योदय कार्ड धारकों को 35 किलो राशन के बजाय 30 किलो ही दिया जा रहा था। पात्र गृहस्थी के कार्ड धारकों को प्रति यूनिट 5 किलो की जगह पर 4 किलोग्राम ही राशन वितरित किया जा रहा था। सेक्रेटरी प्रतीक सिंह के सामने ही किया जा रहा था। कोटेदार को थाने ले गए । जिला पूर्ति अधिकारी देवमणि मिश्रा ने कहा कि खाद्यान्न वितरण के लिए जगह -जगह अधिकारी तैनात थे। यहां तक जिले के आला अधिकारियों सहित खुद मंडलायुक्त और डीएम भी मैदान में थे। अगर इसके बाद भी ऐसा किया गया है तो यह गलत है संबंधित के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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