आजमगढ़। परिषदीय विद्यालयों की भांति राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में भी नियुक्त हुए शिक्षकों ने कूटरचित दस्तावेज के आधार पर नौकरी हासिल की है। इसकी पुष्टि एक शिकायत पर हुई जांच में हुई है। जेडी एपी वर्मा ने एक शिक्षक की जहां सेवा समाप्त कर दी है वहीं आठ अन्य को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। इनका स्पष्टीकरण आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पदों पर 2014 में नियुक्तियां हुई थीं। शिक्षा निदेशक माध्यमिक के निर्देश पर जेडी स्तर से 27 सितंबर 2014 को विज्ञप्ति प्रकाशित कराई गई थी। विज्ञप्ति के आधार पर जनपद के असाउर टीकर गांव निवासी मनीष देव ने अंग्रेजी विषय के लिए आवेदन किया था। चयन समिति ने इनकी नियुक्ति राजकीय उमावि नदवल मऊ में 14 जुलाई 2016 को कर दी। इसके अलावा आठ अन्य शिक्षकों की भी तैनाती हुई थी। मनीष देव समेत कुल नौ शिक्षकों के बाबत शिकायत हुई थी कि इन्होंने फर्जी दस्तावेज लगाए हैं। जांच हुई तो मनीष देव समेत अन्य शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेज मेें कूटरचना की पुष्टि हुई। कूटरचना की पुष्टि होने पर जेडी एपी वर्मा ने मनीष देव की नियुक्ति को निरस्त करते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया। वहीं अन्य आठ शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। फर्जी चिह्नित हुए आठ शिक्षकों में तीन जहां गैर जनपदों में स्थानांतरण करा चुके हैं तो वहीं दो की बलिया में तैनाती है। इसके अलावा तीन अन्य शिक्षक विभिन्न राजकीय माध्यमिक विद्यालयों पर तैनात है। फर्जी चिह्नित हुए आठों शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई है और स्पष्टीकरण मांगा गया है।
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कूटरचना कर नियुक्ति पाये शिक्षकों की शिकायत हुई थी। जांच में आरोप पुष्ट हो चुका है। एक शिक्षक मनीष देव को बर्खास्त किया जा चुका है तो वहीं आठ अन्य शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जवाब मिलने पर इनके खिलाफ भी आगे की कार्रवाई की जायेगी। - एपी वर्मा, संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक