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Azamgarh News: कहीं जमीन की अनुपलब्धता तो कई बैंक ऋण बन रहा बाधक

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आजमगढ़। जिले में नए उद्योगों की राह में रोड़े ही रोड़े हैं। उद्यमियों की समस्याएं दूर नहीं हो पा रही हैं। कहीं प्रशासन उद्योगों के लिए जमीन नहीं उपलब्ध करा पा रहा तो कहीं निवेशकों को बैंक से सहयोग नहीं मिल रहा । ऐसे में उद्यमी परेशान हैं और उनके समक्ष नए उद्योग लगाने की चुनौती है। इन तमाम झंझावातों के बीच उद्योग विभाग द्वारा 115 निवेशकों को तैयार कर लिया गया है जो अक्टूबर माह में अपने निवेश को धरातल पर उतारेंगे।
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जिले के औद्योगिक क्षेत्र में जमीन नहीं है। जिस क्षेत्र में जमीन है, वह विकसित नहीं है। सरकार की ओर से उद्यमियों को खुद की जमीन पर औद्योगिक पार्क विकसित करने की छूट दी जा रही है। जिसका परिणाम है कि कुछ उद्योग धरातल पर उतरने को बेताब हैं। माना जा रहा था कि जल्द ही जिले में नए कारखानों की स्थापना होगी। लेकिन जमीन की समस्या से जिले में रोजगार उद्योग स्थापित होने की रफ्तार धीमी है। जिसके चलते अभी तक औद्योगिक इकाइयां धरातल पर नहीं उतर सकीं। जनपद में 264 एमओयू हस्ताक्षर हुए हैं, जिसके अन्तर्गत 2645.01 करोड़ का इन्वेस्टमेंट होगा, जिसमें कुल 12400 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। इनमें से 115 एमओयू जीबीसी के लिए तैयार हैं, जिसके तहत 665.3 करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया जायेगा, जिसमें कुल 5166 व्यक्तियों को रोजगार की प्राप्ति होगी। यह इन्वेस्टमेंट अक्टूबर माह में धरातल पर आने शुरू हो जाएंगे।
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उद्योग बंधु की बैठक होती रहती है, उनके द्वारा जो समस्याएं उठाई जाती हैं उसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाते हैं। उद्यमियों की समस्या के निस्तारण में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में कुल 264 लोगों ने प्रस्ताव दिया था। जिसमें से 115 उद्यमियों का प्रस्ताव अक्टूबर महीने में धरातल पर उतरेगा।
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साहम सरन रावत, उपायुक्त उद्योग।
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