देवारा क्षेत्र में बाढ़ के पानी में डूबे संपर्क से बकरियों को लेकर जाती महिला।
- फोटो : देवारा क्षेत्र में बाढ़ के पानी में डूबे संपर्क से बकरियों को लेकर जाती महिला।
लाटघाट। सोमवार को घाघरा नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन तटवर्ती गांवों में कटान और बीमारियों का खतरा बना है। नदी का जलस्तर बदरहुआं और डिघिया नालों पर खतरे के बिंदु के आसपास बना है, जिससे क्षेत्र के कई गांवों में जलभराव और संपर्क मार्ग बाधित हो चुके हैं।
बदरहुआं नाले पर रविवार शाम 4 बजे जलस्तर 72.14 मीटर था, जो सोमवार को 22 सेमी घटकर 71.92 मीटर हो गया। जो खतरा बिंदु से नीचे पहुंच गया। डिघिया नाले पर जलस्तर 71.37 मीटर से घटकर 71.10 मीटर रह गया, 27 सेमी की कमी। इसके बाद भी जलस्तर 77 सेमी लाल निशान से ऊपर है। जलस्तर घटने के साथ ही गांवों में बीमारियां फैलने की आशंका है। वहीं ग्रामीणों को अब कटान का डर सताने लगा है।
अभी जो गांव पानी से चारों तरफ से घिरे थे वह आज भी घिरे हैं। जिन संपर्क मार्गों पर बाढ़ चढ़ा था आज भी जमा हुआ है लोग पानी के बीच से होकर गुजरने को विवश हैं। कुछ जगहों पर लोग निजी नाव से आवागमन कर रहे हैं। अधिशासी अभियंता विरेंद्र सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर अब घटने लगा है। चिंता की कोई बात नहीं है।