आजमगढ़। आईएमए पर आयुर्वेदिक दवाओं को प्लेसिबो (कूट भैषज्य) कहने का आरोप लगा नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) ने पूरे देश में अपना विरोध दर्ज कराया। आजमगढ़ नीमा अध्यक्ष डॉ. डीडी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और आयुष मंत्री श्रीपद एशो नाइक के आम जनमानस के जीवन रक्षण के लिए आयुर्वेद के प्रति सकारात्मक सहयोग की प्रशंसा करते हैं।
उन्होंने कहा कि देश में समस्त चिकित्सा पद्धतियों पर निष्फल एकाधिपत्य जगाने वाला एक चिकित्सा संगठन गलतफहमी का शिकार हो गया है। अकारण विद्वेष की भावना से अभिभूत देश के गौरवमयी चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद को उत्थान और विकास से वंचित रखने की असफल कोशिश में प्रयासरत हैं। आयुर्वेद एक संपूर्ण चिकित्सा पद्धति है। आईएमए द्वारा आयुर्वेदिक औषधि को प्लेसबो अर्थात कूट भैषज्य कहना और केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा भारतीय चिकित्सा आयुर्वेद के साथ कोविड 19 वैश्विक महामारी के परिपेक्ष्य में प्रोटोकॉल जारी करने को अवैज्ञानिक, असंवैधानिक की संज्ञा देना निंदनीय ही नहीं मनबढ़ दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है। जिसे हमारा राष्ट्रीय संगठन कड़े शब्दों में भर्त्सना करता है।