आजमगढ़। अब सड़कों, नदियों, नालों व सार्वजनिक भूमि पर ठोस अपशिष्ट नहीं फेंका जा सकेगा। इसे लेकर एनजीटी सख्त रुख अपनाया है। अपशिष्ट फेंकने व डंप करने वालों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से 5000 से लेकर 50 हजार तक जुर्माना लगाया जा सकता है। जिले में 13 नगर पंचायत और तीन नगर पालिकाएं हैं। इन निकायों से प्रतिदिन लाखों क्विंंटल अपशिष्ट निकलता है। हालांकि कूड़े को एक स्थान पर डंप करने के लिए निकायों की तरफ से व्यवस्था की गई है लेकिन कभी-कभी सफाई कर्मचारियों की मनमानी से अपशिष्टों को सड़क किनारे, पुल के नीचे या फिर नालों के आसपास गिरा दिया जाता है। इससे पर्यावरण तो दूषित होता ही है साथ ही उससे उठने वाली दुर्गंध से आने जाने वालों का जीना दूभर हो जाता है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने इसे गंभीरता से लिया है। सड़क, नदियों, जल मार्गों, नालों, राजस्व भूमि, अन्य प्राधिकरणों के स्वामित्व वाली भूमि पर अब कोई अपशिष्ट न तो फेंका जा सकेगा और न ही डंप कर सकेगा। ऐसा करने वालों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पांच से 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
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नगर पालिका पर लग चुका है 40.10 करोड़ का जुर्माना
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तमसा नदी और जालंधरी मुहल्ले के पोखरी में सीवेज बहाने के मामले में नगर पालिका पर दो बार जुर्माना लगा चुका है। नगर से निकलने वाले गंदे पानी को नगर पालिका बिना ट्रीटमेंट के ही तमसा नदी में गिरा रही थी। मामले में पांच लाख प्रतिमाह के हिसाब से 39.95 लाख रुपये का बोर्ड ने नपा पर जुर्माना लगाया है। इसके बाद शहर के जालंधरी मुहल्ले में स्थित तालाब में भी नाले के माध्यम से गंदा पानी बहाया जा रहा था। इस मामले में भी तीन माह का 15 लाख का जुर्माना लगा है। 15 दिनों में जुर्माने न जमा करने पर बोर्ड ने आरसी जारी कर भू राजस्व की भांति वसूली के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा है।संवाद
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एनजीटी का निर्देश आया है। सड़क, नदी आदि के किनारे अपशिष्ट फेंकने, डंप करने वालों पर जुर्माना लगाने को कहा गया है। निकायों को तो पहले एमएसडब्ल्यू प्लांट लगाने के बारे में कहा जाएगा।
- अजीत कुमार सुमन, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।