दहेज हत्या के मामले में दोष सिद्ध पति को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। मामले वर्ष 2019 में रानी की सराय थाना क्षेत्र के कोटवां गांव में विवाहिता की हुई मौत का है। बृहस्पतिवार को यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक बीडी भारती ने सुनाई।
मुबारकपुर थाना क्षेत्र के मोहब्बतपुर गांव निवासी विंदर उर्फ वीरेंद्र राजभर की पुत्री शशिकला की शादी वर्ष 2019 में कोटवां गांव निवासी नागेंद्र पुत्र राजपत राजभर के साथ हुई थी। तीन जून 2019 को उसकी मौत हो गई। इस मामले में मृतका के पिता ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोप लगाया कि शादी के बाद दहेज में मोटर साइकिल की मांग को लेकर उसकी पुत्री को मारापीटा जाता था। इसी मांग को शशिकला की हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस रानी की सराय थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने विवाहिता के पति नागेंद्र राजभर के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान इस मुकदमे की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता जगदंबा पांडेय और विक्रम पटेल ने कुल छह गवाहों को अदालत में पेश किया। शामिल गवाहों में विंदल उर्फ वीरेंद्र, ठकुरी देवी, ओम प्रकाश, दुलारे, हरिश्चंद्र, तत्कालीन क्षेत्राधिकारी ईलामारन, डॉ. पीवी प्रसाद थे। इस मामले में अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद विवाहिता के पति को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।