सोमवार और मंगलवार को आई तेज आंधी से फरिहां क्षेत्र में बर्बाद आम की फसल को दिखाते किसान।
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फरिहा। सरकारी आंकड़ा भले ही कुछ कहे लेकिन मंगलवार को जनपद में दो बार आई आंधी और बारिश ने किसानों के आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। उद्यान विभाग जहां 15 से 20 फीसदी फसल के नुकसान का अनुमान लगा रहा है वहीं किसानों का कहना है कि उनकी 70 फिसदी फसल बर्बाद हुई है।
निजामाबाद तहसील क्षेत्र के खुदादादपुर, संजरपुर, नेवादा, शाहपुर आदि गांवों में आम की बाग काफी बड़े पैमाने पर है। सोमवार की रात, मंगलवार की भोर और शाम को आए आंधी और तूफान ने किसानों की नींद उड़ा दी है। अबकी बार आम की फसल इतनी अच्छी थी कि किसान दिन रात बागवानी करके आम की फसल को बचाने में लगे रहे। समय से पानी व दवा का छिड़काव भी करते रहे यह सोच कर काफी खुश थे कि भगवान ने अबकी बार साथ दिया है। आम की फसल बहुत अच्छी है़ लेकिन यह खुशी इनकी ज्यादा दिनों तक नहीं रह पाई। अभी बीते दिनों क्षेत्र में बड़ी साइज के ओले पड़े थे। ओले तो कई बार गिरे लेकिन उनकी साइज इतनी बड़ी नहीं थी। इस ओला वृष्टि से आम की फसल आधी से ज्यादा बर्बाद हो गई। अभी किसान इससे उबर भी नहीं पाये थे कि मंगलवार की भोर और शाम को आई तूफान रुपी आंधी ने कहर ही बरपा दिया। इस संबंध में जब हमने बाग को किराए पर लेने वाले संजय सोनकर से पूछा तो वह रोने लगा। बोला हम तो बर्बाद हो गए अब हमारे बगीचे से मालिक को देने भर रकम भी नहीं तैयार हो पाएगी। 70 फीसदी आम की फसल भगवान को प्यारी हो चुकी है। पांच बीघे की बाग में से 15 कुंतल फल आंधी में गिर चुका है। पूरे साल की मेहनत हमारी चकनाचूर हो गई। अब तो हम परिवार के भरण-पोषण के लायक भी नहीं बचे हैं। मिठाई लाल सोनकर ने रुआंसे गले से कहा कि अब तो हमारा भगवान के ऊपर से भी विश्वास उठ चुका है। क्योंकि सारी आपदाओं व विपदाओं की मार गरीब व किसानों को ही झेलनी पड़ती है। कमोबेश हर किसान के बागवानी का यही हाल है। वहीं जहां किसान अपने आम की 70 फीसदी फसल के बर्बाद होने की बात कह रहे हैं वहीं जिला उद्यान अधिकारी ने कहा कि इस आंधी और बारिश में किसानों की आम की फसल को 15 से 20 फीसदी का नुकसान हुआ है।