जिले में बृहस्पतिवार की आधी रात 12.57 बजे के बाद शुभ मुहूर्त में 1974 जगहों पर होलिका का दहन किया गया। इस दौरान विवादित होलिका दहन स्थलों पर कड़ी सुरक्षा रही।
माहात्म्य के अनुसार सबसे पहले होलिका स्थल पर पूजा की गई। इसके बाद होलिका जलाई गई। बृहस्पतिवार की सुबह लोगों ने सरसों का उबटन लगाया था और उससे निकले मैल को होलिका में जलाया। जिले में कुल 1974 स्थानों पर होलिका का दहन किया गया। इस दौरान जगह-जगह लोगों ने फाग गीतों और जोगीरा का गायन किया। जनपद में 13 स्थानों पर होलिका का जुलूस भी निकाला गया। बृहस्पतिवार को नगर कोतवाली में 64, सिधारी में 86, रानी की सराय में 22, कंधरापुर में 88, मुबारकपुर में 87, जहानागंज में 84, निजामाबाद में 47, गंभीरपुर में 27, देवगांव में 128, मेहनाजपुर में 72, बरदह में 25, मेंहनगर में 115, तरवां में 60, जीयनपुर में 151, महराजगंज में 101, बिलरियागंज में 34, रौनापार में 66, अतरौलिया में 40, अहरौला में 91, कप्तानगंज में 62, फूलपुर में 133, पवई में 132, सरायमीर में 65 और दीदारगंज में 116 स्थानों पर होलिका दहन किया गया। वहीं कंधरापुर, सरायमीर, फूलपुर, महराजगंज, अहरौला, बिलरियागंज, गंभीरपुर और मुबारकपुर में एक-एक के अलावा नगर कोतवाली और पवई में दो-दो स्थानों पर रंग जुलूस निकाला गया। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन काफी मुस्तैद रहा। जिन स्थानों पर पूर्व में होलिका दहन के दौरान मारपीट की घटनाएं हुई थी उन स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।