घाघरा नदी का जलस्तर उफान पर है। डिघिया गेज पर खतरे के निशान 70.40 सेमी से यह 67 सेंटीमीटर ऊपर व बदरहुआ गेज पर खतरे के निशान 71.68 सेमी से छह सेमी ऊपर पहुंच गया है। बुधवार की शाम नदी का जलस्तर डिघिया पर 71.07 व बदरहुआ पर 71.74 सेमी दर्ज किया गया। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ गई है। रास्तों पर जलभराव के कारण आवागमन में परेशानी होने लगी है।जिले में घाघर नदी का जलस्तर खतरा बिंदु से ऊपर है। बदरहुआ गेज पर जलस्तर खतरा बिंदु से छह सेमी और डिघिया पर 67 सेंटीमीटर बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। पिछले तीन दिनों से जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। जलस्तर में लगातार हो रहे बढ़ाव के कारण कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भर आया है। लोगों को विवश होकर पानी से गुजरना पड़ रहा है। वहीं बगहवा में 12 घरों पर कटान का खतरा मड़रा रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती लोगों की नींद उड़ा दी है। नदी का जलस्तर डिघिया पर 24 घंटे में नौ सेमी और बदरहुंआ पर 11 सेमी बढ़ा है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान स्थिर है।
एक दर्जन गांवों का संपर्क मार्ग जलमग्नलाटघाट। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन गांवों का संपर्क मार्ग पर डूब गया है। लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। देवारा खास राजा, अजगरा मसरकी, अराजी अजगरा मगर्वी, चक्की, बांका, बूढ़नपट्टी, मानिकपुर, सोनौरा के ग्रामीण प्रभावित है। लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके लिए नाव की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिससे कि वह आ सके और जा सके।
एक नजर घाघरा के जलस्तर पर आजमगढ़। मंगलवार को डिघिया गेज पर घाघरा नदी का जलस्तर 70.98 मीटर पर रहा जो बुधवार को नौ सेमी बढ़कर 71.07 मीटर हो गया। वहीं बदरहुंआ नाला गेज पर मंगलवार को नदी का जलस्तर 71.63 मीटर दर्ज किया गया। वहीं बुधवार को 11 सेमी बढ़कर 71.74 सेमी हो गया। जबकि डिघिया गेज पर नदी का खतरा बिंदु 70.40 सेमी और बदरहुंआ गेज पर खतरा बिंदु 71.68 मीटर है।
कतर्निया बैराज से छोड़ा गया 129500 क्यूसेक पानी
लाटघाट। कतर्निया बैराज से 129500 क्यूसेक पानी घाघरा नदी में डिस्चार्ज हो रहा है। लगातार पानी डिस्चार्ज होने से सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। जिससे ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ती ही जा रही है। लोगों को डर सता रहा कि कहीं उनके आशियाने भी घाघर में न विलीन हो जाए।
बाढ़ चौकियां निष्क्रिय
लाटघाट। सरयू नदी के बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों के लोगों के लिए शासन व प्रशासन द्वारा दश बाढ़ चौकियां स्थापित की गई है। जिसमें महुला ,गांगेपुर, हाजीपुर,जमुवारी,ईस्माइलपुर, हैदराबाद, शिवपुर,कुढ़ही, औघड़गंज,उल्टहवा शामिल है। प्रशासनिक लापरवाही के कारण सभी बाढ़ चौकियां निष्क्रिय है।
कटान स्थिर होने पर ली राहत की सांस
लाटघाट। कटान रोकने के लिए विभाग ने नदी में बंबूक्रेट मिट्टी, ईंट, पत्थर, गैबियान आदि बराबर डाल रहे हैं। कटान स्थिर होने पर विभाग ने राहत की सांस ली है।
नहीं पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
लाटघाट। बाढ़ के पानी से घिरे गांवों में अबतक स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांवों में छिड़काव वह क्लोरिन की गोली का वितरण नहीं किया गया। जिससे ग्रामीणों में बीमारियां फैलने का डर सता रहा है। देवारा खास राजा के चक्की, सहित दर्जनों बस्तियां बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गई है। इसके साथ ही बांका बुढ़नपट्टी मानिकपुर सोनौरा शाहडीह आदि गांव भी बाढ़ के पानी से घिरे हैं। ऐसे में उन्हें स्वास्थ्य महकमा की ओर से कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। जिससे वह परेशान हो रहे हैं।