बलरामपुर। देश में बढ़ रहे कोरोना केसों के बावजूद जिले में अभी तक स्वास्थ्य महकमे को कोई अलर्ट नहीं मिला है। जिले में तैयारियों पर नजर डालें तो मंडलीय जिला चिकित्सालय में जिन वार्डों को कोविड वार्ड बनाया गया था। उन वार्डों में अभी तक सामान्य मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। पिछले कोरोना काल में अस्पताल को शासन की ओर से 21 वेंटिलेटर मिले थे, लेकिन अभी तक इन वेंटिलेटरों को संचालित करने वाले ही नहीं है। तीन लोगों को इन्हें चलाने का प्रशिक्षण लेने के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा भेजा गया है। जो वेंटीलेंटर हैं उनमें से पांच में टेक्नीकल खराबी है। जिसकी अभी मरम्मत नहीं कराई गई है।
कोरोना के दूसरे चरण में जब लोगों को ऑक्सीजन की कमी होने लगी तो लाखों रुपये की लागत अस्पतालों में छह ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए थे। वर्तमान में प्लांटों का संचालन करने वाला कोई नहीं है। मंडलीय अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट की हालत ऐसी है कि सर्विस न होने के कारण इसका कंप्रेशर हीट हो जाता है। जिसके कारण इसे कुछ देर चालू करने के बाद बंद करना पड़ता है। सिलिंडर की ऑक्सीजन से अस्पताल में काम चलाया जा रहा है।
कोरोना काल में बना वार्ड ट्रॉमा सेंटर के सामने बना था। इस समय कोई ऊपर से कोई आदेश नहीं मिला है, अगर आदेश आता है तो वार्ड को एक्टिव कर दिया जाएगा। वेंटिलेटर 21 हैं जिसमें 16 कार्य कर रहे हैं। चार टेक्नीशियन को ट्रेनिंग के लिए भेजना था जिसमें तीन ट्रेनिंग ले रहे हैं जिसमें कुछ टाइम लगेगा। ऑक्सीजन प्लांट की सर्विस करने के लिए कह दिया गया है।डॉ राम केवल पासवान, कार्यवाहक एसआईसी।