आजमगढ़। बैंक के कर्ज में डूबे गांधी आश्रम सिधारी से रकम की वसूली के लिए प्रशासन ने इसकी जमीन की नीलामी कर दी है। इस नीलामी के लिए नायब तहसीलदार सदर को अधिकारी बनाया गया था। उनकी देखरेख में नीलामी की साभी कार्रवाई संपन्न कराई गई। एक समय था जब गांधी आश्रम लोगों की आजीविका का साधन होते थे। लेकिन इसके पदाधिकारियों ने इसे लूटकर कंगाल बना दिया। जिसका परिणाम हुआ कि गांधी आश्रम बंद होते गए। कुछ ऐसा ही हाल जनपद के गांधी आश्रमों का भी हुआ। यहां तक कि गांधी आश्रम के पास इतने पैसे नहीं थे वह अपने कर्मचारियों के पैसे का भुगतान कर सके। बैंक का कर्ज चुकाने की बात ही दूर थी। जिसका परिणाम यह हुआ कि कर्मचारी कोर्ट चले गए कोर्ट ने उनके बकाया लाखों रुपये के भुगतान का आदेश दिया। वहीं बैंक ने भी समय पर कर्ज अदा न करने के कारण आरसी जारी कर दी। गांधी आश्रम के ऊपर 80 लाख रुपये का बैंक कर्ज था, दो करोड़ 61 लाख की पीएफ कार्यालय की आरसी थी और 80 लाख रुपये कर्मचारियों का पैसा गांधी आश्रम पर बकाया था। इसके लिए आरसी जारी हुई थी। आरसी की वसूली के लिए प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार सदर को अधिकारी नियुक्त किया गया। लगभग एक हफ्ते पूर्व नायब तहसीलदार सदर श्रीराम ने नीलामी की कार्रवाई की। जिसमें गांधी आश्रम सिधारी की छह विस्वा जमीन लगभग तीन करोड़ 60 लाख रुपये में नीलाम हुई।
इस मामले में गांधी आश्रम के मंत्री ठाकुर प्रसाद राय ने गांधी आश्रम पूरी तरह से कर्ज में डूब गए था। जब बैंक का कर्ज जमा नहीं हुआ तो उसने आरसी जारी कर दी। वहीं कर्मचारियों के बकाए के भुगतान का भी कोर्ट ने आदेश दिया था। जिसके तहत सिधारी स्थित गांधी आश्रम की छह बिस्वा जमीन को नीलाम किया गया है। वहीं नायब तहसीलदार श्रीराम ने बताया कि गांधी आश्रम पर बैंक ऋण की वसूली और कृष्णा कालेज द्वारा सांसद निधि की वसूली के लिए आरसी जारी हुई थी। जिसके लिए नीलामी की कार्रवाई की गई। जो सकुशल संपन्न हो गई।
सांसद निधि की वसूली को नीलाम हुई कृष्णा कालेज की जमीन
आजमगढ़। ग्रीन लैंड में बने कृष्णा कालेज को प्रशासन द्वारा ढ़हाया गया था। इस पर कालेज प्रबंधन द्वारा लाखों रुपये की सांसद निधि ली गई थी। कालेज के ध्वस्त होने के बाद सांसद निधि की वसूली के लिए आरसी जारी की गई। जिसके लिए उसकी भी नीलामी की गई। कृष्णा कालेज की जमीन सवा करोड़ रुपये में नीलाम हुई।