Azamgarh News: आजमगढ़ जिले में दो मामलों में एमपी- एमएलए कोर्ट में उमाकांत यादव की पेशी हुई। इस दौरान एक मामले में उनके खिलाफ जारी वारंट को निरस्त कर दिया गया। वहीं दूसरे मामले में अगली तारीख पड़ी।
जौनपुर जेल में बंद पूर्व सांसद उमाकांत यादव को बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट अनुपम त्रिपाठी की अदालत में पेश किया गया। इस दौरान अदालत ने एक मामले में उनके खिलाफ जारी वारंट को निरस्त कर दिया और दूसरे मामले में सुनवाई के लिए अगली तारीख नियम कर दी।
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क्या है पूरा मामला
वर्ष 1989 में सरायमीर थाने में उमाकांत यादव के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। उनके अधिवक्ता रविंद्र नाथ यादव के अनुसार, उस समय उनकी लाइसेंसी बंदूक के नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान पुलिस ने उनके आवास पर तलाशी लेकर लाइसेंसी शस्त्र बरामद किया था।
तलाशी के समय वे बंदूक का लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके थे, जिसके आधार पर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में गवाही की प्रक्रिया जारी थी। इसी बीच अदालत में गैरहाजिर रहने के कारण उनके खिलाफ वारंट जारी हो गया था।
बृहस्पतिवार को पूर्व सांसद को न्यायालय में उपस्थित होने पर बचाव पक्ष की ओर से वारंट निरस्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अदालत ने मामले में गवाही के लिए अगली तिथि 16 मार्च निर्धारित की है। वहीं, गैंगस्टर एक्ट से जुड़े एक अन्य मुकदमे में एमपी-एमएलए सत्र न्यायालय में भी उमाकांत यादव की पेशी हुई। इस मामले में अदालत ने 12 मार्च की अगली तारीख नियत की है।