लाटघाट। घाघरा ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है। सगड़ी तहसील के 80 राजस्व गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। महुला गढ़वल बांध से गोला घाट गोरखपुर तक सिर्फ पेड़ और घर ही दिखाई दे रहे हैं। लोग गांवों में कैद होकर रह गए हैं। प्रशासन की सारी तैयारी नाकाफी साबित हो रही हैं। बच्चों को दूध तक नहीं मिल रहा है। लकड़ी गीली होने के कारण लोग भोजन तक नहीं बना पा रहा हैं।
तहसीलदार सगड़ी बृजेंद्र उपाध्याय ने बताया कि तहसील के 80 राजस्व गाव में बाढ़ का पानी भर गया है। एडीएम ने बताया कि सगड़ी तहसील के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में 100 से ऊपर नाव राहत व बचाव कार्य के लिए लगाया गया है। नावों से बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। बाढ़ को देखते हुए दस बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। ग्रामीण तटबंध और प्राथमिक विद्यालयों में शरण ले रहे हैं। इस बाढ़ से महराजगंज और हरैया ब्लाक के कुल 103 गांव प्रभावित हैं। इसमें 23 नाचिरागी गांव शामिल हैं। बंधे से लेकर नदी तक पानी ही पानी है। बंधा और गोरखपुर जनपद के गोला, बेलघाट उरूआ के बीच केवल पानी है। गांव में अब भी पशुओं को बाहर निकालने में नाव की समस्या बनी हुई है। लोगों को भोजन, स्वच्छ पानी, शौच, चारा, दवा, बच्चों के लिए दूध, रोशनी के लिए किरोसिन आदि की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। छोटे-छोटे बच्चे दूध न मिलने से बिलबिला रहे हैं। लकड़ियां गीली होने के कारण लोग भोजन नहीं बना पा रहे हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से लंच का वितरण किया जा रहा है। बावजूद इसके प्रशासन की तैयारियां नाकाफी ही साबित हो रही हैं।