लाटघाट। रौनापार थाना क्षेत्र का पलिया गांव रोजाना कोई न कोई जन प्रतिनिधि दौरा कर रहा है। इसी क्रम में सोमवार को भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों को पांच करोड़ का मुआवजा देने की मांग की और कहा कि पलिया कांड के दोषी अधिकारियों कतो दंडित करना ही होगा वर्ना भीम आर्मी किसी भी अधिकारी को चैन से नहीं रहने देगी।
उन्होंने कहा कि अब शोषित समाज जाग उठा है। हम किसी कीमत पर अपने मान और सम्मान से समझौता नहीं कर सकते। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ अभी यहां क्यों नहीं आए, यह समझ में नहीं आता। प्रधानमंत्री एक तरफ गरीबों को आवास बांट रहे हैं, तो दूसरी तरफ बेलगाम पुलिस गरीबों का घर तोड़ रही है। आजमगढ़ के चांदपट्टी, रानीपुर रजमो, छपरा सुलतानपुर, गोधौरा सहित दर्जनों जगहों पर पुलिस ने बर्बरता पूर्वक गरीबों का मकान तोड़ा है। इस अन्याय को भीम आर्मी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि आठ महीने में यह सरकार जाने वाली है। एक-एक दोषी से चुन-चुन कर हिसाब किया जाएगा। अब पुलिस की गुंडागर्दी चलने वाली नहीं है। पीड़ित परिवारों पर लगे मुकदमों को हटाने, दोषी पुलिसकर्मियों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज करने, परिवार को पांच करोड़ का मुआवजा दिए जाने, सक्षम कोर्ट में एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करनेे तथा दोषियों को सस्पेंड कर जेल भेजने की मांग की। यदि सात दिन के अंदर मांग पूरी नहीं हुई तो इस पलिया गांव में महापंचायत की जाएगी। इसके बाद गांव में बड़ा आंदोलन होगा। जनपद को पूरी तरह से जाम कर दिया जाएगा। एहसान खान प्रदेश प्रवक्ता आजाद समाज पार्टी, जनार्दन एडवोकेट विधिक सलाहकार, धर्मवीर भारती पूर्व जिलाध्यक्ष, शैलेश कुमार एडवोकेट, राजेंद्र गौतम, विपिन रावत, राजू शास्त्री, अरविंद राणा, दुष्यंत निराला आदि उपस्थित थे।
पलिया से लौटकर चंद्रशेखर साइकिल चलाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। मेहता पार्क में कार्यकर्ताओं में जोश भरा। उन्होंने कहा कि आठ महीने भूख, प्यास, घर, द्वार सबकुछ भूल जाओ। हमारे साथ फोटो खिंचवाने से कुछ नहीं होगा। सड़क पर काम करो और भीम आर्मी को मजबूत बनाओ। प्रशासन नेे उनके कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी थी। ऐसे में शहर के बेलइसा से लेकर कलेक्ट्रेट तक और पलिया गांव में भी भारी मात्रा में फोर्स की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद चंद्रशेखर गांव पहुंचने में कामयाब रहे।